धमतरी/ छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला पर्यटन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में रुद्रेश्वर कॉरिडोर की विस्तृत कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया। अध्यक्ष ने परियोजना की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर प्रथम चरण के कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
बैठक को संबोधित करते हुए नीलू शर्मा ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से धमतरी का छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण स्थान है। जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले में पर्यटन विकास के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन रुद्रेश्वर मंदिर परिसर में विकसित किया जा रहा रुद्रेश्वर कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पर्यटन विकास के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महापौर रामू रोहरा ने कहा कि रुद्रेश्वर कॉरिडोर के निर्माण से धमतरी को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने परियोजना की कार्ययोजना की सराहना करते हुए इसे धमतरी के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर बनने से जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान और अधिक सशक्त होगी।

बैठक में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने रुद्रेश्वर कॉरिडोर के प्रथम चरण में प्रस्तावित विकास कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। पर्यटन मंडल अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की जानकारी परियोजना में प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए। साथ ही घाट परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां स्थापित करने तथा उद्यान और दीवारों पर भगवान शिव से जुड़े प्रतीकों, आभूषणों, पुष्पों एवं पौधों की जानकारी प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में जिला प्रशासन द्वारा धमतरी पर्यटन एवं रुद्रेश्वर कॉरिडोर पर आधारित विशेष वीडियो प्रस्तुति भी दिखाई गई। नीलू शर्मा ने कहा कि रुद्रेश्वर मंदिर लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, इसलिए मेला स्थल, मुक्तिधाम और अस्थि विसर्जन स्थल को यथावत एवं सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धमतरी राम वनगमन पथ से जुड़े क्षेत्र में आता है, इसलिए परियोजना में इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत का भी समुचित उल्लेख किया जाए।
बैठक में पूर्व विधायक रंजना साहू, प्रकाश बैस, महेंद्र पंडित, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संचालक विवेक आचार्य, डीएफओ कृष्ण यादव, अपर कलेक्टर इंदिरा सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं पर्यटन समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
