उपचुनावों के परिणाम बृहस्पतिवार (4 जून) को घोषित कर दिए गए हैं. इन नतीजों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली है. राज्य चुनाव आयोग (SEC) के अनुसार, 5 अध्यक्ष पदों में से 3 पर बीजेपी ने जीत का परचम लहराया है, जबकि 2 पदों पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया है.
राज्य चुनाव आयोग के बयान के अनुसार, विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों में इस सप्ताह 71 पार्षद सीटों के लिए आम चुनाव और उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था. इन 71 सीटों में से बीजेपी ने 39 सीटों पर जीत दर्ज की है. कांग्रेस 30 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. दो वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने बाजी मारी है.
बता दें कि नगर निकाय और पंचायत निकायों के लिए 1 जून को मतदान कराया गया था. शहरी निकाय चुनावों में 84.58 फीसदी और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में 78.61 फीसदी का बंपर मतदान दर्ज किया गया था. शहरी निकायों में ईवीएम (EVM) और पंचायत चुनावों में मतपत्रों (Ballot Papers) के जरिए वोट डाले गए थे.

जानिए कहां, किसने जीता अध्यक्ष पद?
चुनाव आयोग द्वारा घोषित नतीजों के मुताबिक
- बीजेपी की जीत: बीजेपी ने जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह, सूरजपुर जिले की शिवनंदनपुर और कबीरधाम जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है.
- कांग्रेस की जीत: राजनांदगांव जिले की घुमका नगर पंचायत और बालोद जिले की पलारी नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस विजयी रही है.
- गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव पार्टी सिंबल (पार्टी लाइन) पर कराए जाते हैं, जबकि पंचायत चुनाव गैर-दलीय आधार पर होते हैं.
जीत पर दोनों दलों के अपने-अपने दावे
चुनाव परिणामों के बाद बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही अपनी-अपनी जीत और जनता के समर्थन का दावा किया है.
- बीजेपी का दावा: बीजेपी की छत्तीसगढ़ इकाई के अध्यक्ष किरण देव ने मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह परिणाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और सरकार के कल्याणकारी एजेंडे पर लोगों के भरोसे को दर्शाता है. सहसपुर लोहारा में बीजेपी प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने 762 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की है.
- कांग्रेस का दावा: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है. उनके अनुसार पंचायत स्तर पर 543 से अधिक कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं.
इसके अलावा जगदलपुर, बिलासपुर और कांकेर जैसे नगर निगमों के वार्डों में भी कांग्रेस ने जीत दर्ज की है. कांग्रेस का कहना है कि यह नतीजे बीजेपी सरकार के प्रति लोगों के असंतोष और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं के बदलते मूड का संकेत हैं.
