बैठक में उपस्थित शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर द्वारा प्राचार्यों को “रे, बे, साले एवं गधे” जैसे अमर्यादित शब्द कहे गए, जिससे शिक्षकों की भावनाएं आहत हुई हैं और आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है।
सर्व शैक्षिक मंच ने निर्णय लिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर कलेक्टर द्वारा सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त नहीं किया जाता है, तो मामले की शिकायत शासन एवं प्रशासन के उच्च स्तर पर की जाएगी। इस संबंध में 18 मई को अल्टीमेटम सौंपा जाएगा।

मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो जिले के समस्त शिक्षक संवर्ग सर्व शैक्षिक मंच के बैनर तले उग्र आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कर्मचारी भवन में आयोजित बैठक में चंदूलाल चंद्राकर, डॉ भूषण चंद्राकर, दौलत ध्रुव, दिनेश सोनकर, टी आर नागवंशी, दिनेश पांडे सहित विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा बैठक में ममता ठाकुर, प्रदीप सिन्हा, अमित महोबे, दीपक शर्मा, खुमान सिंह ठाकुर, आनंद प्रसाद साहू, दिनेश देवांगन, एन के साहू, देवनाथ साहू, गेवा राम नेताम, रामानंद साहू, राहुल नेताम, तारामति वैद्य, डॉ आशीष नायक, अनुज साहू, के सी महोबिया एवं एल के उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
