धमतरी/ शहर के युवा समाजसेवी रीतुराज पवार आज सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता के प्रतीक बनते जा रहे हैं। अपने निरंतर सामाजिक कार्यों के माध्यम से उन्होंने यह सिद्ध किया है कि निस्वार्थ भाव से की गई सेवा ही सच्ची मानवता है। उनके द्वारा संचालित फाउंडेशन लगातार समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में रीतुराज पवार का विशेष योगदान देखने को मिलता है। वे हर वर्ष आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क पुस्तक, कॉपी और पेन उपलब्ध कराते हैं, ताकि संसाधनों की कमी उनके भविष्य के आड़े न आए। उनका स्पष्ट मानना है कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है।
इसी कड़ी में अब वे एक और महत्वपूर्ण पहल करने जा रहे हैं। “सुखसागर वृद्धजन सदन” की स्थापना का कार्य शुरू किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बेसहारा, बेघर और असहाय वृद्धजनों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है। इस सदन में बुजुर्गों के लिए रहने, भोजन, स्वास्थ्य और देखभाल की समुचित व्यवस्था की जाएगी।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन कार्यक्रम 24 अप्रैल को प्रातः 10 बजे आयोजित होगा। यह कार्यक्रम आचार्य पंडित श्रीहित आकाश जी महाराज के सानिध्य में छत्रपति शिवाजी महाराज मंगल भवन के सामने संपन्न किया जाएगा।
रीतुराज पवार की समाजसेवा की यात्रा कई वर्षों पहले शुरू हुई थी, जो आज एक व्यापक स्वरूप ले चुकी है। विशेष रूप से कोरोना काल के दौरान, जब लोग घरों से निकलने में भी डर रहे थे, उस समय उन्होंने निःशुल्क टिफिन सेवा शुरू कर जरूरतमंदों, मरीजों और उनके परिजनों तक भोजन पहुंचाया। इसके साथ ही उन्होंने एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराकर गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज रीतुराज पवार समाज के लिए प्रेरणा बन चुके हैं और उनका कार्य यह संदेश देता है कि अगर इच्छा सशक्त हो तो बदलाव संभव है।
