Breaking

CM विष्णु देव साय बोले- ‘बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी’…

धमतरी पुलिस ने विद्यार्थियों को सिखाए सड़क सुरक्षा के गुर, साइबर फ्रॉड और नए कानूनों की भी दी जानकारी…

एसपी भावना पांडेय के निर्देश पर नगरी पुलिस की पहल, महाविद्यालयीन छात्रों को साइबर फ्रॉड से लेकर नशा मुक्ति तक किया जागरूक…

महानदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने अधिकारियों को सतत निगरानी के दिए निर्देश…

WhatsApp का नया फीचर! अब यूजर्स पहचान सकेंगे AI कंटेंट, जानें कैसे…

एक घंटे में कितना पैसा कमाती है दिल्ली मेट्रो, किसके खाते में जाती है ये रकम?

टेक सेक्टर में फिर छंटनी का बड़ा झटका! Oracle में 3,000 नौकरियां संकट में, जानें कारण…

कमर तक पानी में कंधों पर शव ले जाने को मजबूर ग्रामीण, Video वायरल…

Uber Eats Drone Delivery:पिज्जा हो या बर्गर, अब आसमान से होगी डिलीवरी! Uber Eats का नया प्लान…

उर्वरक-कीटनाशक विक्रेताओं पर कृषि विभाग की कार्रवाई, एक का लाइसेंस निलंबित…

खुले सोक पिट में गिरने से गाय की मौत, बड़े हादसे की आशंका…

3 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में आरोपी पिता को आजीवन कारावास…

नारी शक्ति पर साय सरकार का भरोसा, छत्तीसगढ़ के 12 जिलों की कमान महिला कलेक्टरों के हाथ…

सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात व्यवस्था में बदलाव, सुबह 6 से रात 10 बजे तक भखारा मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित…

साइबर जागृति अभियान: धमतरी पुलिस ने 15 थाना-चौकी क्षेत्रों में 2,400 से अधिक लोगों को किया जागरूक…

कुछ लोगों पर क्यों असर नहीं करता खौलता हुए तेल? ये है वजह…

Farmer Suicides India: किन वजहों से सबसे ज्यादा आत्महत्या करते हैं किसान, किस राज्य में सबसे ज्यादा?

इन कारणों से ढीला हो जाता है Charging Port! न करें अनदेखा…

CM विजय ने स्वास्थ्य बीमा 5 गुना बढ़ाया, विधायकों को भी दिया बड़ा तोहफा…

राष्ट्रपति भवन में गूंजा छत्तीसगढ़ का मांदर, सरईटोला के लोक कलाकारों ने पेश की आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक….

ChatGPT For Teens: ChatGpt ने लॉन्च किया Teen वर्जन, क्या है इसमें खास?

भ्रामक एवं एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार…

चाकू की नोक पर सोने का लॉकेट लूटने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, धमतरी पुलिस ने किया लूटकांड का त्वरित खुलासा…

बड़े करेली-भेंडरी के बीच भीषण सड़क हादसा, ट्रक चालक की मौत; हाईवा चालक गंभीर…

धमतरी से लापता युवक को परिवार तक पहुंचाया, अब क्षत-विक्षत शव की पहचान बनी पुलिस के लिए पहेली…

Tech Explained: कैसे काम करती है लोकेशन ट्रैकिंग? जानिए इससे जुड़े सारे सवालों के जवाब…

Share

आज की दुनिया में छिपना मुश्किल हो गया है. इसका मतलब है कि आपको हर जगह कैमरा मिल जाएंगे. चाहे आपकी गाड़ी रेड लाइट पर खड़ी है, आप किसी स्टोर या ऑफिस में घूम रहे हैं, हर जगह कैमरा की आप पर नजर है. अब ऐसी टेक्नोलॉजी भी आ गई है, जो बिना कैमरा भी आप पर नजर रखती है. हम लोकेशन ट्रैकिंग की बात कर रहे हैं, जो आपकी गाड़ी, मोबाइल फोन और ऑनलाइन ऑर्डर किए प्रोडक्ट पर नजर रखती है. इसके लिए न तो कैमरा की जरूरत पड़ती है और न ही आपको कोई भारी-भरकम डिवाइस लेकर चलने की जरूरत है. आप हजारों किलोमीटर दूर बैठे देख सकते हैं कि कोई ट्रेन कहां तक पहुंच गई है या आपका ऑर्डर किया आइटम अभी किस वेयरहाउस में हैं. यह सब लोकेशन ट्रैकिंग के कारण संभव हो पाया है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी स्क्रीन पर कैसे पता चल जाता है कि आपका सामान कहां है या आपका ड्राइवर गाड़ी लेकर किस सड़क पर जा रहा है? आज हम आपको ऐसे ही सवालों का जवाब बताने जा रहे हैं. आज के एक्सप्लेनर में हम जानेंगे कि लोकेशन ट्रैकिंग क्या होती है और यह किस तरह काम करती है.

क्या है लोकेशन ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी?

लोकेशन ट्रैकिंग कोई एक सिंगल टेक्नोलॉजी नहीं है बल्कि यह कई अलग-अलग टेक्नोलॉजी का मिक्स है, जिन्हें इस्तेमाल कर ऐसा सिस्टम बनाया जाता है, जो इन्वेंट्री, पशुओं और गाड़ियों आदि पर नजर रख सकता है. ऐसा ही सिस्टम मोबाइल जैसे वायरलेस डिवाइस पर लोकेशन-बेस्ड सर्विसेस डिलीवर करने के लिए बनाया जा सकता है. आज हम जो लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम यूज करते हैं, उनमें नीचे दी गई टेक्नोलॉजीज को यूज किया जा रहा है.

जियोग्राफिक इंफोर्मेशन सिस्टम (GIS) – बड़े स्तर के लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम के लिए जियोग्राफिक इंफोर्मेशन कैप्चर और स्टोर करना जरूरी होता है. जियोग्राफिक इंफोर्मेशन सिस्टम उसी जियोग्राफिक इंफो को कैप्चर, स्टोर, एनालाइज और रिपोर्ट करता है.

ग्लोबल पॉजिशनिंग सिस्टम (GPS) – धरती से ऊपर स्पेस में 27 सैटेलाइट लगातार घूमते रहते हैं. आपके मोबाइल फोन या गाड़ी में लगा GPS रिसीवर इनमें से 4 या उससे ज्यादा सैटेलाइट की मदद से लोकेशन का पता लगाता रहता है. इसे शुरुआत में मिलिट्री यूज के लिए बनाया गया था और अब यह सर्वे, खेतीबाड़ी, ट्रांसपोर्टेशन जैसे कई कामों में यूज किया जा रहा है. यह आउटडोर पॉजिशनिंग के लिए बेस्ट है.

रेडियो फ्रीक्वैंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) – ये बिना बैटरी वाली माइक्रोचिप्स होती हैं, जिन्हें किसी सामान, जानवर, गाड़ी या दूसरे ऑब्जेक्ट से अटैच कर उनकी मूवमेंट को ट्रैक किया जा सकता है. RFID टैग पैसिव होते हैं. यानी केवल किसी रीडर के प्रॉम्प्ट करने पर ही ये डेटा ट्रांसमिट करते हैं. यह रीडर रेडियो वेव्ज ट्रांसमिट करता है, जिससे RFID टैग एक्टिवेट हो जाता है और फिर रेडियो फ्रीक्वैंसी पर डेटा ट्रांसमिट करता है.

 

 

वायरलेस लोकल एरिया नेटवर्क (WLAN) – यह रेडियो फ्रीक्वैंसी से कनेक्टेड डिवाइसेस का एक नेटवर्क होता है. यह भी रेडियो वेव्ज के जरिए डेटा पास करता है और यह नेटवर्क 70-300 फीट की रेंज में काम कर सकता है.

आज के समय में हम जो भी लोकेशन-बेस्ड सर्विस सिस्टम यूज कर रहे हैं, उसमें इनमें से एक या एक से ज्यादा टेक्नोलॉजी का कॉम्बिनेशन काम कर रहा है.

कितने टाइप की होती है ट्रैकिंग?

वाइड-एरिया ट्रैकिंग- जब बड़े स्केल की बात आती है तो कंपनियों को देशभर में अपने व्हीकल्स ट्रैक करने पड़ते हैं. इसके लिए GPS सबसे बेहतर ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी है. इसके लिए गाड़ियों में GPS रिसीवर फिट किए जाते हैं. फिर सैटेलाइट की मदद से इन्हें ट्रैक करना आसान हो जाता है.

लोकल एरिया या इनडोर ट्रैकिंग- बड़े स्तर पर GPS एक कमाल की टेक्नोलॉजी है, लेकिन वेयरहाउस या हॉस्पिटल जैसी इनडोर जगहों पर यह असर कम हो जाता है. ऐसी जगहों के लिए RFID टैग्स यूज किए जाते हैं. इसके अलावा WLAN को भी ऐसी जगहों पर इस्तेमाल में लाया जाता है. RFID टैग की मदद से ही बड़े-बड़े वेयरहाउस में सामान का पता लगाया जाता है. आजकल क्विक कॉमर्स के कारण इनका इस्तेमाल और ज्यादा हो गया है. RFID टैग का इस्तेमाल आजकल अम्यूजमेंट पार्क्स में बच्चों की ट्रैकिंग के लिए भी किया जाने लगा है. इसके लिए उन्हें एक खास रिस्टबैंड पहनाया जाता है. इससे बच्चों के गुम होने का डर नहीं रहता.

लोकेशन-बेस्ड सर्विसेस

आजकल मोबाइल फोन सिर्फ कॉल या मैसेज करने का डिवाइस नहीं रह गए हैं. इन पर इंटरनेट के जरिए शॉपिंग समेत तमाम तरह की सुविधाएं मिलने लगी हैं. आने वाले दिनों में मोबाइल पर और अधिक लोकेशन-बेस्ड सर्विसेस देखने को मिलेगी. लोकेशन-अवेयर टेक्नोलॉजी के आने के बाद ये सर्विसेस लोकेशन के आधार पर यूजर्स को पर्सनलाइज्ड सर्विसेस ऑफर करेंगी. अभी इसका सबसे बड़ा उदाहरण नेविगेशन सिस्टम है. इसकी मदद से अगर आपको किसी कैफे जाना है तो यह सिस्टम आपकी लोकेशन से उसका सीधा रास्ता दिखा देगा और आपको कैफे तक पहुंचा भी सकता है. इसमें ट्रैफिक एडवायजरी और रोडसाइड असिस्टेंस जैसे भी सर्विसेस होती हैं. इसी तरह अगर छोटी जगहों पर इसका यूज देखें तो मॉल्स और दूसरे इनडोर एरियाज में WLAN का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें जैसे ही आप किसी स्टोर पर जाते हैं, रिटेलर्स आपके पास कूपन या ऑफर की जानकारी भेज देते हैं.

www.joharsagacg.com

जोहार सगा न्यूज़ – धमतरी का एक विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो शासन, समाज और जनहित से जुड़ी खबरों को सटीक, प्रमाणिक और तेज़ी से जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है – सच्चाई के साथ डिजिटल माध्यम से हर व्यक्ति तक जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना।

Edit Template

संपर्क करे

हमसे संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें:

📞 फोन: 9303600826

✉️ ईमेल: upndrasahusss@gmail.com

📍 पता: भटगांव चौक गोकुलपुर वार्ड धमतरी तह व जिला धमतरी, छत्तीसगढ़, भारत

हम आपके व्यवसाय, ब्रांड या सेवाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर देते हैं।

हमारे विज्ञापन विकल्प:

डिस्प्ले बैनर विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन

प्रायोजित लेख/समाचार


विज्ञापन अस्वीकरण

जोहार सगा न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी विज्ञापन का हम समर्थन नहीं करते। विज्ञापन में दिये गए उत्पाद, सेवाएँ और उनके लाभ विज्ञापन प्रदाताओं की जिम्मेदारी हैं। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है — किसी उत्पाद या सेवा से जुड़ी पुष्टि, उपयोगिता या प्रभाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

सोशल मिडिया पर हम

 

जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़

धमतरी ज़िले का उभरता डिजिटल वेब न्यूज़ चैनल, जो शासन के नियमों का पालन करते हुए पानी, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर साफ-सुथरी पत्रकारिता करता है।

हमारा उद्देश्य है –

  1. जनता की रोज़ी-रोटी और जीवन से जुड़े सवाल शासन-प्रशासन तक पहुँचाना।
  2. सरकारी योजनाओं व नियमों की सटीक जानकारी गाँव-गाँव और शहर तक पहुँचाना।
  3. शिक्षा, रोजगार, खेती, निजीकरण, राजनीति और संस्कृति में बदलाव को उजागर करना।
  4. पानी, जंगल, ज़मीन और पर्यावरण पर जनजागरूकता लाना।

तेज़ रफ़्तार डिजिटल दौर में, “जोहार सगा न्यूज़” भरोसेमंद खबर सीधे आपके मोबाइल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़”

देखिए अब YouTube में