Breaking

धमतरी: पुरानी मंडी के पीछे पंचर दुकान में भीषण आग, डेढ़ लाख से अधिक का नुकसान; आगजनी की आशंका…

Tech Tips: घंटों गेम खेलने पर भी फोन नहीं होगा गर्म! 99% लोगों को आज भी नहीं पता ये तरीका…

अब Space से आएगी बिजली! धरती तक Solar Power पहुंचाने की टेक्नोलॉजी कर देगी हैरान…

CM साय बोले, ‘आपातकाल को भुलाया नहीं जा सकता, विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल’…

पीएम श्री स्कूल भैंसमुंडी पहुंचे एसपी सूरज सिंह परिहार, विद्यार्थियों को अनुशासन और लक्ष्यपूर्ण जीवन का दिया प्रेरक संदेश…

नगरी-गरियाबंद मार्ग पर मछली व्यवसायी की चाकू मारकर हत्या, अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस…

भेंड्रा में फिर टावर पर चढ़ा युवक, ढाई घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, पुलिस ने सकुशल उतारा….

गंगरेल बांध की नहर में गिरी नीलगाय, घंटेभर की मशक्कत के बाद खुद निकली बाहर, वीडियो वायरल…

करगा हाई स्कूल में धमतरी पुलिस का जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, यातायात नियम और नशामुक्ति का दिया संदेश…

एसपी के निर्देश पर धमतरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ढाबों में शराब सप्लाई करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, 180 पौवा देशी शराब जब्त…

गढ़ीहापारा के पास ट्रैक्टर पलटा, 18 वर्षीय युवक की मौत, 13 वर्षीय किशोर घायल…

Ireland Currency: आयरलैंड में कौन सी करेंसी चलती है, वहां भारत के 10000 रुपये कितने हो जाएंगे?

IND VS IRE T20: राजस्थान के जय मूंदड़ा कैसे बने आयरलैंड टीम के क्रिकेटर, कैसे मिली वहां की नागरिकता?

स्मार्ट टीवी की स्लो स्पीड कर रही है मूवी का मजा खराब? इस ट्रिक से दूर हो जाएगी दिक्कत…

कितनी होती है Gaming Laptop की लाइफ? खरीदने से पहले जान लें पूरी सच्चाई…

दादा-परदादा के जमाने वाले दो पल्लों के दरवाजे क्यों थे बेहद खास? जानिए इनका पूरा इतिहास…

टीवी रिमोट ब्लूटूथ से क्यों नहीं चलते? वर्षों पुरानी वजह जानकर रह जाएंगे हैरान…

क्या होता है Quantum Computer? जानिए नॉर्मल कंप्यूटर से कैसे है अलग….

मिड-डे मील में किसने की थी बच्चों को अंडा परोसने की शुरुआत, जानें कहां लिया गया था फैसला?

LPG Price Today: 14 किलो वाला सिलेंडर बुक कराने से पहले जान लें आज का रेट, CNG की कीमत भी यहां से देखें…

कैसे बनते हैं बादल, समुद्र से पानी कैसे सोखती हैं गर्म हवाएं? जानें मीठा पानी बरसने का प्रोसेस…

एसबीआई सैलरी पैकेज का मिला बड़ा लाभ: धमतरी में तीन दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिवारों को 1.20 करोड़ रुपये की बीमा सहायता…

Iran Oil: भारत को एक बैरल कच्चा तेल बेचकर कितना मुनाफा कमाता है ईरान, जान लीजिए पूरा गणित…

घर में घुसकर महिला व परिवार पर हमला करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, 24 घंटे के भीतर पुलिस ने भेजा जेल….

तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत, गांव में शोक की लहर…

इंसानी आंखों को चकमा देने में माहिर है ये सांप, काटा तो पानी भी नहीं होगा नसीब…

Share

जंगल की पगडंडी पर पड़ा एक पत्ता, काई से ढकी टहनी या चट्टान का छोटा सा टुकड़ा… पहली नजर में सब कुछ सामान्य लगता है, लेकिन यही भ्रम कई बार जानलेवा साबित हो सकता है. पश्चिमी घाट के घने जंगलों में रहने वाला मालाबार पिट वाइपर ऐसा ही एक सांप है, जो इंसानी आंखों को चकमा देने में माहिर है. इसकी खूबसूरती जितनी आकर्षक है, खतरा उतना ही गंभीर है, क्योंकि इसका डसना अब मामूली नहीं माना जा रहा.

1/8
मालाबार पिट वाइपर की सबसे बड़ी खासियत इसकी रंग बदलने की क्षमता है. यह सांप अपने आसपास के माहौल के हिसाब से खुद को ढाल लेता है. कभी यह बादामी भूरा दिखता है, तो कभी पीला, हरा या हल्का नीला भी नजर आ सकता है.
मालाबार पिट वाइपर की सबसे बड़ी खासियत इसकी रंग बदलने की क्षमता है. यह सांप अपने आसपास के माहौल के हिसाब से खुद को ढाल लेता है. कभी यह बादामी भूरा दिखता है, तो कभी पीला, हरा या हल्का नीला भी नजर आ सकता है.
2/8
यही वजह है कि जंगल में चलते समय लोग अक्सर इसे पहचान नहीं पाते और अनजाने में इसके बेहद करीब पहुंच जाते हैं. यही पल सबसे खतरनाक साबित होता है.
यही वजह है कि जंगल में चलते समय लोग अक्सर इसे पहचान नहीं पाते और अनजाने में इसके बेहद करीब पहुंच जाते हैं. यही पल सबसे खतरनाक साबित होता है.
3/8
यह सांप आमतौर पर निशाचर होता है, यानी रात के अंधेरे में ज्यादा सक्रिय रहता है. अंधेरे और अपने छलावरण की वजह से यह बिना नजर आए शिकार के बेहद पास पहुंच जाता है. छोटे स्तनधारी, पक्षी, छिपकली और मेंढक इसके भोजन का हिस्सा हैं, लेकिन इंसान भी गलती से इसकी जद में आ सकता है.
यह सांप आमतौर पर निशाचर होता है, यानी रात के अंधेरे में ज्यादा सक्रिय रहता है. अंधेरे और अपने छलावरण की वजह से यह बिना नजर आए शिकार के बेहद पास पहुंच जाता है. छोटे स्तनधारी, पक्षी, छिपकली और मेंढक इसके भोजन का हिस्सा हैं, लेकिन इंसान भी गलती से इसकी जद में आ सकता है.
4/8
खासकर जंगलों, पहाड़ी रास्तों और बागानों में काम करने वाले लोग इसके खतरे से ज्यादा प्रभावित होते हैं. लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि मालाबार पिट वाइपर का काटना गंभीर मेडिकल इमरजेंसी नहीं है.
खासकर जंगलों, पहाड़ी रास्तों और बागानों में काम करने वाले लोग इसके खतरे से ज्यादा प्रभावित होते हैं. लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि मालाबार पिट वाइपर का काटना गंभीर मेडिकल इमरजेंसी नहीं है.
5/8
लेकिन कर्नाटक के मणिपाल स्थित कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज में हुए शोध ने इस धारणा को बदल दिया है. वैज्ञानिकों के अनुसार इसका जहर हेमोटॉक्सिक होता है, यानी यह खून पर सीधा असर करता है. इसके डसने से शरीर में तेज सूजन, खून के थक्के बनने की प्रक्रिया में गड़बड़ी और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं.
लेकिन कर्नाटक के मणिपाल स्थित कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज में हुए शोध ने इस धारणा को बदल दिया है. वैज्ञानिकों के अनुसार इसका जहर हेमोटॉक्सिक होता है, यानी यह खून पर सीधा असर करता है. इसके डसने से शरीर में तेज सूजन, खून के थक्के बनने की प्रक्रिया में गड़बड़ी और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं.
6/8
दिखने में आकर्षक होने के कारण कई लोग इसे हल्के में ले लेते हैं, लेकिन यही सबसे बड़ी भूल हो सकती है. डॉक्टरों और वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि इस सांप के काटने को किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
दिखने में आकर्षक होने के कारण कई लोग इसे हल्के में ले लेते हैं, लेकिन यही सबसे बड़ी भूल हो सकती है. डॉक्टरों और वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि इस सांप के काटने को किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
7/8
समय पर इलाज न मिलने पर हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं, यहां तक कि जान पर भी बन आ सकती है. मालाबार पिट वाइपर मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के जंगलों में पाया जाता है, खासकर कर्नाटक और केरल के इलाकों में.
समय पर इलाज न मिलने पर हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं, यहां तक कि जान पर भी बन आ सकती है. मालाबार पिट वाइपर मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के जंगलों में पाया जाता है, खासकर कर्नाटक और केरल के इलाकों में.
8/8
मादा सांप आमतौर पर चार से पांच बच्चों को जन्म देती है. अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने इसे फिलहाल ‘लेस्ट कंसर्न’ श्रेणी में रखा है, लेकिन अवैध शिकार और जंगलों के सिमटते दायरे इसके भविष्य के लिए खतरा बनते जा रहे हैं.
मादा सांप आमतौर पर चार से पांच बच्चों को जन्म देती है. अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने इसे फिलहाल ‘लेस्ट कंसर्न’ श्रेणी में रखा है, लेकिन अवैध शिकार और जंगलों के सिमटते दायरे इसके भविष्य के लिए खतरा बनते जा रहे हैं.

www.joharsagacg.com

जोहार सगा न्यूज़ – धमतरी का एक विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो शासन, समाज और जनहित से जुड़ी खबरों को सटीक, प्रमाणिक और तेज़ी से जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है – सच्चाई के साथ डिजिटल माध्यम से हर व्यक्ति तक जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना।

Edit Template

संपर्क करे

हमसे संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें:

📞 फोन: 9303600826

✉️ ईमेल: upndrasahusss@gmail.com

📍 पता: भटगांव चौक गोकुलपुर वार्ड धमतरी तह व जिला धमतरी, छत्तीसगढ़, भारत

हम आपके व्यवसाय, ब्रांड या सेवाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर देते हैं।

हमारे विज्ञापन विकल्प:

डिस्प्ले बैनर विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन

प्रायोजित लेख/समाचार


विज्ञापन अस्वीकरण

जोहार सगा न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी विज्ञापन का हम समर्थन नहीं करते। विज्ञापन में दिये गए उत्पाद, सेवाएँ और उनके लाभ विज्ञापन प्रदाताओं की जिम्मेदारी हैं। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है — किसी उत्पाद या सेवा से जुड़ी पुष्टि, उपयोगिता या प्रभाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

सोशल मिडिया पर हम

 

जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़

धमतरी ज़िले का उभरता डिजिटल वेब न्यूज़ चैनल, जो शासन के नियमों का पालन करते हुए पानी, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर साफ-सुथरी पत्रकारिता करता है।

हमारा उद्देश्य है –

  1. जनता की रोज़ी-रोटी और जीवन से जुड़े सवाल शासन-प्रशासन तक पहुँचाना।
  2. सरकारी योजनाओं व नियमों की सटीक जानकारी गाँव-गाँव और शहर तक पहुँचाना।
  3. शिक्षा, रोजगार, खेती, निजीकरण, राजनीति और संस्कृति में बदलाव को उजागर करना।
  4. पानी, जंगल, ज़मीन और पर्यावरण पर जनजागरूकता लाना।

तेज़ रफ़्तार डिजिटल दौर में, “जोहार सगा न्यूज़” भरोसेमंद खबर सीधे आपके मोबाइल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़”

देखिए अब YouTube में