ग्रामीणों को मिली वित्तीय साक्षरता, डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा की दी गई जानकारी
धमतरी/ 30 अक्टूबर वित्तीय समावेशन योजनाओं की संतृप्ति के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आज जिले के परेवाडीह एवं उमरदा ग्राम पंचायतों में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक तथा बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा वित्तीय समावेशन शिविरों का आयोजन किया गया।
शिविरों में बैंक खातों की पुनः केवाईसी प्रक्रिया संपन्न की गई, साथ ही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत नए बीमा पंजीयन भी किए गए।
शिविरों का निरीक्षण वित्तीय सेवा विभाग, नई दिल्ली के निदेशक हार्दिक मुकेश सेठ, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया अंचल कार्यालय रायपुर के उप महाप्रबंधक बी. आर. रामकृष्ण नायक, बैंक ऑफ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक श्री भरत चावड़ा, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति रायपुर के सहायक महाप्रबंधक मनोज कुमार, तथा छ.ग.रा. ग्रामीण बैंक धमतरी के क्षेत्रीय प्रबंधक हरविंदर सिंह ने किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शिविरों में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और स्थानीय निवासियों, व्यापार प्रतिनिधियों तथा बैंक अधिकारियों से चर्चा की।
निदेशक सेठ ने री-केवाईसी प्रक्रिया के महत्व पर जोर देते हुए नागरिकों को समय पर यह प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे बैंकिंग सेवाओं का लाभ निरंतर प्राप्त कर सकें। उन्होंने बैंकों द्वारा वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और प्रतिभागियों को वित्तीय साक्षरता, डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा एवं भारतीय रिज़र्व बैंक की एकीकृत लोकपाल योजना 2021 की जानकारी दी।
शिविरों में दावा न की गई जमाराशियों, डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपायों और सतर्कता जागरूकता से संबंधित विषयों पर भी जानकारी साझा की गई।
कंडेल, परेवाडीह, उमरदा एवं आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बैंक अधिकारियों ने उनके प्रश्नों का समाधान किया।
इस अवसर पर बैंक ऑफ बड़ौदा, छ.ग.रा. ग्रामीण बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, केनरा बैंक तथा जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधकगण एवं बैंक मित्र उपस्थित रहे, जिन्होंने ग्रामीणों को पुनः केवाईसी प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया।
अग्रणी जिला प्रबंधक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों शिविरों में कुल 419 खातों की पुनः केवाईसी प्रक्रिया संपन्न की गई।
