धमतरी/ दीपावली पर जहाँ रोशनी की जगमगाहट हर घर में थी, वहीं धमतरी से 5 किलोमीटर दूर बसे ग्राम तेलिनसत्ती ने एक नई रोशनी जलाई — नशा मुक्ति की लौ। गाँव के युवाओं ने मिलकर “नशा मुक्त ग्राम–नशा मुक्त समाज अभियान” की शुरुआत की और गाँव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
गाँव के युवाओं ने सभी समाजों के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर आह्वान किया कि अब गाँव में अवैध शराब बिक्री, सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा सेवन और ताश-जुआ जैसी गतिविधियाँ पूरी तरह बंद होंगी।
इस पहल को सभी समाजों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया और दीपावली के पहले ही तेलिनसत्ती को “नशा मुक्त ग्राम” घोषित कर दिया।
बैठक में तय किया गया कि गाँव के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर समाज स्तर पर कार्रवाई होगी। जो व्यक्ति अवैध गतिविधियों की जानकारी देगा, उसका नाम गुप्त रखा जाएगा और उसे प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इस पहल से पूरे गाँव में उत्साह का माहौल है — विशेषकर महिलाओं और युवतियों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह नियम सबके सहयोग से चलता रहा तो यह परंपरा स्थायी हो सकती है और आसपास के गाँव भी इससे प्रेरणा लेंगे।
अभियान की शुरुआत करने वालों में केशव सिन्हा, योगेश्वर सिन्हा, सुनील यादव, सत्यम सिन्हा, मोहन जांगड़े, आकाश साहू, भूपेश सिन्हा, दिनेश साहू, हेमंत यादव, डॉ. अजय साहू, राकेश सिन्हा, राजू सिन्हा, ओमप्रकाश साहू, धीरेन्द्र सिन्हा, गज्जू जांगड़े सहित सभी समाजों के प्रमुख जनों की अहम भूमिका रही।
तेलिनसत्ती ने दीपावली पर जो जागरूकता की लौ जलाई है, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है।
