धमतरी/ 13 अक्टूबर साइबर अपराध और फर्जी सिम कार्ड जारी करने जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए धमतरी पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही में कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
एसपी धमतरी के निर्देशन में थाना सिटी कोतवाली एवं थाना सिहावा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन अलग-अलग मामलों में फर्जी पहचान पत्रों और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर सिम कार्ड जारी करने के मामलों का खुलासा हुआ है।
पहला मामला – थाना सिटी कोतवाली, धमतरी
अपराध क्रमांक: 158/2025
धारा: 319(2), 318(4) बीएनएस एवं 42(3)(E) टेलीकम्युनिकेशन एक्ट
आरोपी: नागेन्द्र साहू (26 वर्ष), निवासी गौरा चौरा, धमतरी
विवरण: आरोपी ने शिकायतकर्ता का आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट एवं फोटो लेकर फर्जी तरीके से एयरटेल सिम (7089353106) जारी किया था।
जप्त सामग्री:
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01 POS सिम कार्ड (7415532227)
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01 OnePlus T मोबाइल
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01 मंत्रा कंपनी की फिंगरप्रिंट मशीन
स्थिति: आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

दूसरा मामला – थाना सिटी कोतवाली, धमतरी
अपराध क्रमांक: 84/2025
धारा: 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66(सी) आईटी एक्ट
आरोपी:
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उमेश साहू (24 वर्ष), ग्राम इर्रा, भखारा
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वासुदेव साहू उर्फ वासु साहू (28 वर्ष), विद्यावासिनी वार्ड, धमतरी
विवरण: दोनों आरोपी पीओएस ऑपरेटर के रूप में कार्य करते हुए फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर सिम कार्ड जारी कर रहे थे।
जप्त सामग्री: दो मोबाइल फोन
स्थिति: दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
तीसरा मामला – थाना सिहावा, धमतरी
अपराध क्रमांक: 30/2025
धारा: 66(सी) आईटी एक्ट एवं 42(3)(E) टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023
आरोपी: ओनिल कुमार साहू (21 वर्ष), नवागांव, बोरई
विवरण: आरोपी द्वारा बिना सत्यापन प्रक्रिया अपनाए सिम कार्ड जारी किए जा रहे थे, जिससे दूरसंचार सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा था।
स्थिति: विधिवत गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेजा गया।
साइबर अपराध में फर्जी सिम व म्यूल अकाउंट का बढ़ता प्रयोग
धमतरी पुलिस ने बताया कि हाल के वर्षों में साइबर अपराधी फर्जी सिम कार्ड और म्यूल अकाउंट (दूसरों के नाम से खोले गए बैंक खाते) का उपयोग तेजी से कर रहे हैं। ये माध्यम OTP चोरी, फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों को अंजाम देने में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
कुछ पीओएस एजेंट एक ही आधार या बायोमेट्रिक डेटा से कई सिम कार्ड जारी कर रहे हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है और निर्दोष व्यक्तियों की पहचान और बैंक खातों के दुरुपयोग का खतरा पैदा करता है।
धमतरी पुलिस की चेतावनी और अपील:
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फर्जी दस्तावेजों पर सिम जारी करना गंभीर अपराध है।
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बिना सत्यापन सिम जारी करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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नागरिकों से अपील: अपनी बायोमेट्रिक या आधार जानकारी किसी अज्ञात को न दें।
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साइबर अपराध की शिकायत हेतु साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने में संपर्क करें।
🛡 धमतरी पुलिस का संदेश:
“साइबर और दूरसंचार अपराधों पर जीरो टॉलरेंस – फर्जीवाड़ा करने वालों पर सख्त कार्यवाही जारी है।”
