अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के साथ ही इस क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत में लोगों के दिलचस्पी एक बार फिर से बढ़ गई है. आधुनिक भू राजनीति से काफी पहले यह जमीन फारस के नाम से जानी जाती थी. साथ ही यह मानव इतिहास के कुछ सबसे शक्तिशाली साम्राज्यों का घर था.
एकेमेनिड साम्राज्य और उसके महान राजा
फारसी शक्ति का उदय एकेमेनिड साम्राज्य के तहत शुरू हुआ. इसे अक्सर फारस का स्वर्ण युग कहा जाता है. इसकी नींव साइरस महान ने रखी थी. उन्होंने 559 से 530 ईसा पूर्व तक शासन किया. अपने न्यायपूर्ण शासन के लिए जाने जाने वाले साइरस ने जीते हुए क्षेत्र की संस्कृतियों और परंपराओं का सम्मान किया. उनकी विरासत साइरस सिलेंडर में अमर है.
यह साम्राज्य 522 से 486 ईसा पूर्व के दौरान डेरियस प्रथम के शासनकाल में अपने शिखर पर पहुंचा. उनके शासनकाल के दौरान फारसी क्षेत्र भारत की सीमाओं से लेकर ग्रीस और पूर्वोत्तर अफ्रीका तक फैल गया. उन्होंने रॉयल रोड बनवाकर और डैरिक मुद्रा शुरू करके प्रशासन को मजबूत किया.
उनके उत्तराधिकारी जर्क्सीस प्रथम को ग्रीस पर उनके आक्रमण और थर्मोपाइले जैसी ऐतिहासिक लड़ाइयों के लिए याद किया जाता है. उन्होंने स्थापत्य कला में भी बड़ा योगदान दिया.

कुछ बाद के शासक
एकेमेनिडों के बाद फारस की शक्ति कम नहीं हुई. ससानिद साम्राज्य के शापुर प्रथम ने रोमन सम्राटों को हराकर फारस की ताकत को दोबारा स्थापित किया. यह एक ऐसी उपलब्धि थी जिसका दावा काफी कम शासक कर सकते थे. सदियों बाद नादिर शाह 1736 से 1747 के बीच एक जबरदस्त विजेता के रूप में उभरे. उन्हें अक्सर ईरान का नेपोलियन कहा जाता है. उनके सैन्य अभियानों ने फारस के प्रभाव को भारत, ओमान और सेंट्रल एशिया तक फैलाया.
कितना शक्तिशाली था फारस?
प्राचीन फारस ना सिर्फ शक्तिशाली का बल्कि वह अपने विस्तार और संगठन के मामले में भी बेजोड़ था. लगभग 480 ईसा पूर्व में माना जाता है कि इस साम्राज्य में दुनिया की लगभग 44% से 45% आबादी रहती थी. यह अब तक किसी एक साम्राज्य द्वारा कंट्रोल की गई आबादी का सबसे बड़ा अनुपात माना जाता है. फारस लगभग 5.5 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ था. इसमें आज के तुर्की, मिस्र, इराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान जैसे क्षेत्र शामिल थे.
फारस की प्रशासनिक व्यवस्था भी उतनी ही ज्यादा मजबूत थी. साम्राज्यों को अलग-अलग प्रांतों में बांटा गया था. इनका शासन सैट्रैप नाम के अधिकारियों द्वारा किया जाता था. यह व्यवस्था काफी ज्यादा नियंत्रित थी जिसकी वजह से बड़े क्षेत्रों में शासन काफी मजबूती से हो पाया.
