पूरी दुनिया में जब भी शांति और सुरक्षा की बात आती है, तो भारतीय सैनिकों का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है. अपनी बहादुरी और अनुशासन के दम पर भारतीय सेना न केवल देश की सरहदों की रक्षा कर रही है, बल्कि सात समंदर पार भी अशांत इलाकों में शांति का झंडा बुलंद कर रही है. खतरनाक जंग के मैदान हों या गृहयुद्ध से जूझते देश, भारतीय जांबाज हर जगह अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं. आइए जानते हैं आखिर किन देशों में और क्यों तैनात हैं हमारे सैनिक.
शांति के दूत बने भारतीय सैनिक
भारत की विदेश नीति हमेशा से वैश्विक शांति की समर्थक रही है. यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों में भारत सबसे ज्यादा सैनिक भेजने वाले देशों में शामिल है. भारतीय सैनिक उन इलाकों में तैनात किए जाते हैं जहां हिंसा चरम पर होती है या दो देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी रहती है. इन मिशनों का मुख्य उद्देश्य युद्धविराम को लागू करवाना, स्थानीय नागरिकों को उग्रवादियों से बचाना और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा जीवन को सामान्य बनाना है. भारतीय सेना की यह मौजूदगी भारत के वैश्विक कद और उसकी सैन्य क्षमताओं का लोहा मनवाती है.

लेबनान की आग में शांति की कोशिश
लेबनान में इस वक्त इजरायल लोगों को निशाना बना रहा है. ऐसे समय में वहां पर भारतीय सैनिकों की भूमिका बेहद चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील है. यहां इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लगातार तनाव बना रहता है. यूएन मिशन (UNIFIL) के तहत भारत ने यहां लगभग 600 सैनिकों की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की है. इन सैनिकों का काम सीमा पर होने वाली किसी भी घुसपैठ या हमले को रोकना और दोनों पक्षों के बीच बफर जोन के तौर पर काम करना है. लेबनान की पहाड़ियों में तैनात ये जांबाज अपनी जान जोखिम में डालकर मध्य पूर्व में एक बड़े युद्ध को टालने में मदद कर रहे हैं.
