दुनिया भर में चल रहे तनावों की वजह से एलपीजी सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बीच भारत तेजी से अपना ध्यान पीएनजी जैसे ज्यादा साफ और भरोसमंद विकल्प की तरफ मोड़ रहा है. सरकार ने घरों को पीएनजी अपनाने के लिए बढ़ावा दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक कुछ राज्य इस बदलाव में काफी आगे हैं. पहले ही 1.64 करोड़ से ज्यादा घरेलू पीएनजी कनेक्शन होने के साथ इस नेटवर्क का फैलाव भारत के ऊर्जा बदलाव में हुई प्रगति को दर्शा रहा है.
महाराष्ट्र लिस्ट में सबसे ऊपर
लगभग 43.4 लाख पीएनजी कनेक्शन के साथ महाराष्ट्र देश में सबसे आगे है. इसके मजबूत शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को जल्दी अपनाने की वजह से यह साफ तौर पर सबसे आगे रहने वाला राज्य बन गया है.
गुजरात ठीक पीछे
लगभग 37.8 लाख कनेक्शन के साथ गुजरात दूसरे नंबर पर है. यह राज्य गैस आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर में हमेशा से ही आगे रहा है. यहां शहरी और अर्ध-शहरी दोनों इलाकों में पाइपलाइन नेटवर्क का काफी बड़ा फैलाव है.
उत्तर प्रदेश में तेजी से विस्तार
इस मामले में उत्तर प्रदेश तीसरे नंबर पर है. यहां 16.5 लाख से ज्यादा घरों में पीएनजी कनेक्शन पहुंच चुके हैं. तेजी से हो रहे शहरीकरण और बड़े शहरों में सरकार के जोर देने की वजह से यहां पीएनजी अपनाने की रफ्तार काफी बढ़ गई है.

दिल्ली का मजबूत शहरी नेटवर्क
देश की राजधानी दिल्ली भी टॉप राज्यों में शामिल है. एक अच्छी तरह से विकसित सिटी गैस डिसटीब्यूशन सिस्टम के होने की वजह से शहर के कई हिस्सों में पीएनजी अब घरों की एक आम जरूरत बन चुकी है.
दक्षिण भारत में कर्नाटक सबसे आगे
पीएनजी के विस्तार के मामले में कर्नाटक दक्षिण भारत में आगे बढ़ रहा है. बेंगलुरु जैसे शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और साफ ईंधन की बढ़ती मांग की वजह से पीएनजी अपनाने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
टॉप 10 में शामिल दूसरे राज्य
भारत भर में पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने में कई दूसरे राज्यों ने भी अपना योगदान दिया है. इसमें हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और बिहार शामिल हैं.
सरकार की योजनाएं
सरकार ने 2034 तक 12.6 करोड़ पीएनजी कनेक्शन देने और 18000 से ज्यादा सीएनजी स्टेशन बनाने का लक्ष्य तय किया है. इस विस्तार का मकसद एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता को कम करना और साथ ही साफ सुथरा और ज्यादा टिकाऊ ऊर्जा स्रोत को बढ़ावा देना है.
