अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार तक का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला तो यूएस तबाही मचा देगा और वहां के तेल पर कब्जा कर लेगा. इस बीच एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि अमेरिका और ईरान 45 दिन के सीजफायर के लिए बातचीत कर रहे हैं.
Axios ने अपनी रिपोर्ट में राजनयिक प्रयासों की जानकारी रखने वाले चार सूत्रों के हवाले से ये दावा किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किए के जरिए बातचीत की जा रही है. साथ ही अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच गुप्त रूप से आदान-प्रदान हो रहा है.
48 घंटों में होगी ईरान की डील?
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अगले 48 घंटों में समझौता होने की संभावना कम है. हालांकि, इसे युद्ध को और बढ़ने से रोकने का ‘अंतिम प्रयास’ माना जा रहा है.

ट्रंप ने ईरान के लिए बढ़ाई डेडलाइन?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए समझौता करने या फिर बुनियादी ढांचों पर हमला करने के लिए दी गई अपनी निर्धारित डेडलाइन को 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया है. ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने लिखा- मंगलवार, रात 8 बजे पूर्वी समय.
यह पोस्ट उनकी उस धमकी के कुछ घंटों बाद आई, जिसमें उन्होंने लिखा था, ‘मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट दिवस और ब्रिज दिवस, दोनों एक साथ मनाए जाएंगे. ऐसा पहले कभी नहीं होगा!!! तुम पागलो, होर्मुज खोल दे, वरना नरक में रहोगे- बस देखते रहो’
ईरान को खुद को खड़ा करने में लगेंगे 20 साल: ट्रंप
ट्रंप ने रविवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल से बात करते हुए कहा, ‘हमारी स्थिति बहुत मजबूत है और उस देश को पुनर्निर्माण में 20 साल लगेंगे. अगर वे भाग्यशाली रहे, अगर उनका देश बचा रहा तो. और अगर वे मंगलवार शाम तक कुछ नहीं करते हैं तो उनके पास कोई बिजली संयंत्र नहीं बचेगा और कोई पुल भी खड़ा नहीं रहेगा.’
ट्रंप की धमकियों पर क्या बोला ईरान?
ईरानी संसद स्पीकर एमबी गालिबाफ ने ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की ट्रंप की धमकियों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि युद्ध अपराधों से आपको कुछ हासिल नहीं होगा. एकमात्र वास्तविक समाधान ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करना और इस खतरनाक खेल को समाप्त करना है.
