ईरान ने शुक्रवार (29 मार्च, 2026) को दावा किया कि उसने सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले के दौरान एक अमेरिकी विमान को भारी नुकसान पहुंचाया है. खबरों के मुताबिक, ये हमले प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हुए, जहां अमेरिका का E-3 एयर वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) दूसरे डिफेंस सिस्टम के साथ तैनात था. ईरान के हमले में AWACS दो टुकड़ों में बंट गया और उसका पूरा ढांचा तबाह हो चुका है, सिर्फ अगला और पिछला हिस्सा बचा हुआ है.
ईरान की प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में स्थित अमेरिका के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान के कथित तौर पर 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 हमलावर ड्रोन्स के जरिए हमले को अंजाम दिया.
ईरानी हमले में 10 अमेरिकी कर्मचारी घायल, दो की हालत गंभीर
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिए किए गए इस जोरदार हमले में कम से कम 10 अमेरिकी कर्मचारी घायल हुए है, जिसमें से दो की हालत काफी गंभीर है.
शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में कई रिफ्यूलिंग विमानों को भी क्षति पहुंची है. हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड सेंट्रकॉम (CENTCOM) ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है.

अटैक ड्रोन्स के साथ लॉन्ग और मीडियम रेंज की मिसाइलों से किया हमला
ईरानी प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल के हितों से जुड़े सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले को अंजाम देने के लिए अटैक ड्रोन्स के साथ-साथ लॉन्ग रेंज और मीडियम रेंज के मिसाइल सिस्टम्स का इस्तेमाल किया है. इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका के MQ-9 ड्रोन को मार गिराने के साथ एक एफ-16 लड़ाकू विमान पर हमला करने का भी दावा किया है.
अमेरिकी एयर बेस पर हमले के बाद ईरान ने कसा तंज
सऊदी अरब स्थित अमेरिकी एयर बेस पर हमले को अंजाम देने के बाद ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने हमले में दो टुकड़ों में बंटे विमान की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में साझा की. इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकियों की ओर से किए जा रहे कथित दावों के उलट उनके एयर डिफेंस सिस्टम्स उनके सबसे महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों की सुरक्षा करने तक में सक्षम नहीं है.
