धमतरी/ भूपेश बघेल द्वारा नगरी और सिहावा क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती के आरोप लगाए जाने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। आरोपों के मद्देनज़र पूरे जिले में व्यापक स्तर पर जांच और सर्वेक्षण कराया गया।
आयुक्त, भू-अभिलेख छत्तीसगढ़ द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर संभावित क्षेत्रों का सर्वे कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था। इसी के तहत अविनाश मिश्रा, कलेक्टर धमतरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपर कलेक्टर (भू-अभिलेख) को जिलेभर में गहन सर्वे कराने के निर्देश दिए।
ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपर कलेक्टर इंदिरा देवहारी एवं प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख मनोज मरकाम ने राजस्व, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक लेकर क्षेत्रवार समीक्षा की। इसके बाद पटवारी, तहसीलदार, एसडीएम सहित संबंधित अमले द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण किया गया।
जांच के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धमतरी जिले में कहीं भी अवैध रूप से अफीम की खेती नहीं पाई गई है, जो जिले के लिए राहत की खबर है।

कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना और कृषि गतिविधियों की निगरानी प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सभी विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं और आगे भी नियमित निरीक्षण एवं जनजागरूकता अभियान जारी रहेंगे।
प्रशासन द्वारा किसानों को वैध फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि कृषि क्षेत्र में सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण बना रहे।
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में विधानसभा और मीडिया में बयान देते हुए नगरी एवं सिहावा क्षेत्र में अफीम की खेती होने का दावा किया था। हालांकि, प्रशासनिक जांच में ऐसे किसी भी दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
