Breaking

क्या 1 ग्राम में भी बन सकती है सोने की अंगूठी, जानें इस पर कितना देना पड़ेगा मेकिंग चार्ज?

डीपफेक से लेकर Crime-as-a-Service तक! AI बना साइबर अपराधियों का सबसे खतरनाक हथियार, ऐसे हो रहा डिजिटल हमला…

2BHK फ्लैट बनाने में कितना लगेगा सरिया, इसमें कितना आएगा खर्चा?

AC खरीदने का सुनहरा मौका! यहां पर 1.5 टन Window ACs पर मिल रहा है 50% तक भारी डिस्काउंट…

दुनिया का सबसे ईमानदार देश कौन-सा, किस पायदान पर आते हैं भारत-पाकिस्तान?

आदिवासी संस्कृति के संरक्षण हेतु म्यूजियम की मांग, महापौर को सौंपा ज्ञापन…

एएसपी ने ली हाईवे पेट्रोलिंग जवानों की समीक्षा बैठक…

एक जैसे क्यों नहीं होता भारतीय ट्रेनों का रंग? हर कोच के कलर की अलग है कहानी…

किताब लिखने से लेकर छापने तक, क्या होता है पूरा प्रोसेस? नरवणे विवाद के बीच समझिए…

128GB या 1TB लिखी होती है, फिर स्टोरेज आधी क्यों दिखती है? स्मार्टफोन कंपनियां यूजर्स से क्या छुपा रही हैं…

Instagram ला रही है Snapchat वाला यह फीचर, फोटो शेयर करना होगा आसान, जेन-जी को आएगा खूब पसंद…

क्या रात को Wi-Fi और मोबाइल डेटा को बंद रखना चाहिए? साइंस की सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे…

लोकल चार्जर इस्तेमाल करते हैं तो हो जाएं सावधान! ये तीन 3 खतरनाक नुकसान आपके महंगे फोन को बना देंगे कबाड़…

ईरान ही नहीं, इन देशों के न्यूक्लियर प्लान को तबाह कर चुका है अमेरिका, यहां देख लें पूरी लिस्ट…

धमतरी नगर निगम में टैक्स वसूली की समीक्षा, आयुक्त ने दिए सख्त निर्देश…

छत्तीसगढ़ में तकनीकी क्रांति! सरकार और STPI के बीच ऐतिहासिक समझौता, युवाओं को मिलेंगे नए अवसर…

इस देश में टेलीविजन पर था पूरी तरह प्रतिबंध, जानें क्या थी बैन की वजह?

कहीं आपका Android फोन भी हैकर्स के निशाने पर तो नहीं? घर बैठे 2 मिनट में ऐसे करें पहचान…

रोमी सावलानी राष्ट्रीय सिंधी मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त…

धमतरी: शासकीय नवीन महाविद्यालय आमदी में वार्षिक समारोह के दौरान हंगामा…

मगरलोड में अवैध शराब पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई…

World Oldest Martial Art: यह है दुनिया की सबसे पुरानी मार्शल आर्ट, जानें किसने किया था इसका आविष्कार…

धमतरी में खेत किनारे मिला विशालकाय अजगर, सर्पमित्र ने किया सफल रेस्क्यू…

सावधान! कहीं आपकी निजी जानकारी पर किसी और की नजर तो नहीं? ऐसे करें Google अकाउंट की जांच…

पुराने या खराब हो चुके हेडफोन को फेंकने की न करें गलती, इन तरीकों से दोबारा आ जाएंगे काम…

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने 3 घंटे में नहीं हटाए डीपफेक वीडियो तो क्या होगा, कहां करें कंप्लेंट?

Share

सोशल मीडिया पर जब भी कोई वीडियो वायरल होता है, तो लोग कई बार फर्जी वीडियो को भी सच मानकर शेयर करने लगते हैं, और कुछ ही घंटों में फर्जी वीडियो की अफवाह आग की तरह फैल जाती है. बाद में पता चलता है कि वह वीडियो असली नहीं, बल्कि एआई से बना डीपफेक था. अब ऐसे ही मामलों पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है. नया नियम साफ कहता है अगर डीपफेक कंटेंट 3 घंटे में नहीं हटाया गया, तो न सिर्फ यूजर बल्कि प्लेटफॉर्म भी कानूनी मुसीबत में फंस सकता है.

एआई कंटेंट पर नई सख्ती क्यों?

पिछले कुछ समय में डीपफेक वीडियो और एआई से बने फर्जी फोटो तेजी से बढ़े हैं. इनसे चुनाव, समाज और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा तक पर असर पड़ा है. इसी खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी नियमों के तहत नए निर्देश जारी किए हैं. जिसका मकसद साफ है कि सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वाले एआई कंटेंट पर तुरंत लगाम लगाई जाए.

सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी एआई जनरेटेड फोटो या वीडियो पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा. यानी यूजर को यह बताना पड़ेगा कि कंटेंट असली है या एआई से बनाया गया है.

 

 

3 घंटे में हटाना होगा डीपफेक नहीं तो…

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अगर किसी डीपफेक या भ्रामक एआई कंटेंट की शिकायत मिलती है, तो संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 3 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा. पहले यह समय 36 घंटे तक माना जाता था. अब देरी की गुंजाइश बेहद कम कर दी गई है.

अगर प्लेटफॉर्म तय समय में कंटेंट नहीं हटाता, तो उस पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है. बार-बार नियम तोड़ने पर प्लेटफॉर्म की सेफ हार्बर सुरक्षा भी खत्म की जा सकती है. सेफ हार्बर का मतलब है कि प्लेटफॉर्म यूजर द्वारा डाले गए कंटेंट के लिए सीधे जिम्मेदार नहीं माना जाता, लेकिन यह सुरक्षा हट गई तो कंपनी खुद मुकदमों में फंस सकती है.

लेबल नहीं तो सीधा अपराध

नए नियमों के तहत बिना लेबल के एआई कंटेंट पोस्ट करना अपराध माना जाएगा. एक बार अगर किसी कंटेंट पर एआई लेबल लग गया, तो प्लेटफॉर्म उसे हटा या छिपा नहीं सकता है. कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा साफ तौर पर वॉटरमार्क या लेबल से चिह्नित होना जरूरी बताया गया है.

यूजर को भी पोस्ट अपलोड करते समय यह घोषणा करनी होगी कि कंटेंट एआई से बना है या नहीं. हर तीन महीने में प्लेटफॉर्म को अपने यूजर्स को नियमों की याद दिलानी होगी और गलत इस्तेमाल पर सजा या जुर्माने की चेतावनी देनी होगी.

जीरो टॉलरेंस वाले मामले

बच्चों से जुड़ा अश्लील कंटेंट, बिना अनुमति निजी फोटो-वीडियो, फर्जी दस्तावेज या हिंसा भड़काने वाला एआई कंटेंट इन मामलों में तुरंत ब्लॉक करने का निर्देश है. ऐसे मामलों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

शिकायत कहां करें?

अगर किसी यूजर को डीपफेक या भ्रामक एआई कंटेंट दिखता है, तो वह सबसे पहले उसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ग्रिवेंस ऑफिसर या रिपोर्टिंग सिस्टम के जरिए शिकायत दर्ज कर सकता है. हर बड़े प्लेटफॉर्म को भारत में एक ग्रिवेंस अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य है. इसके अलावा, राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है. गंभीर मामलों में पुलिस या साइबर सेल से भी संपर्क किया जा सकता है.

www.joharsagacg.com

जोहार सगा न्यूज़ – धमतरी का एक विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो शासन, समाज और जनहित से जुड़ी खबरों को सटीक, प्रमाणिक और तेज़ी से जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है – सच्चाई के साथ डिजिटल माध्यम से हर व्यक्ति तक जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना।

Edit Template

संपर्क करे

हमसे संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें:

📞 फोन: 9303600826

✉️ ईमेल: upndrasahusss@gmail.com

📍 पता: भटगांव चौक गोकुलपुर वार्ड धमतरी तह व जिला धमतरी, छत्तीसगढ़, भारत

हम आपके व्यवसाय, ब्रांड या सेवाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर देते हैं।

हमारे विज्ञापन विकल्प:

डिस्प्ले बैनर विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन

प्रायोजित लेख/समाचार


विज्ञापन अस्वीकरण

जोहार सगा न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी विज्ञापन का हम समर्थन नहीं करते। विज्ञापन में दिये गए उत्पाद, सेवाएँ और उनके लाभ विज्ञापन प्रदाताओं की जिम्मेदारी हैं। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है — किसी उत्पाद या सेवा से जुड़ी पुष्टि, उपयोगिता या प्रभाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

सोशल मिडिया पर हम

 

जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़

धमतरी ज़िले का उभरता डिजिटल वेब न्यूज़ चैनल, जो शासन के नियमों का पालन करते हुए पानी, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर साफ-सुथरी पत्रकारिता करता है।

हमारा उद्देश्य है –

  1. जनता की रोज़ी-रोटी और जीवन से जुड़े सवाल शासन-प्रशासन तक पहुँचाना।
  2. सरकारी योजनाओं व नियमों की सटीक जानकारी गाँव-गाँव और शहर तक पहुँचाना।
  3. शिक्षा, रोजगार, खेती, निजीकरण, राजनीति और संस्कृति में बदलाव को उजागर करना।
  4. पानी, जंगल, ज़मीन और पर्यावरण पर जनजागरूकता लाना।

तेज़ रफ़्तार डिजिटल दौर में, “जोहार सगा न्यूज़” भरोसेमंद खबर सीधे आपके मोबाइल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़”

देखिए अब YouTube में