धमतरी/ भखारा क्षेत्र के बोरझारा में रतनजोत के बीज खाने से दो दर्जन से अधिक बच्चे बीमार हो गए। बच्चों को उल्टी और चक्कर की शिकायत हो रही थी। परिजनों ने बच्चों को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोर्रा ले गए। जहां से 10 बच्चों को धमतरी जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाकी उपचार के बाद गांव लौट गए, सभी स्वस्थ बताई जा रहे हैं
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम बोरझरा में बच्चे रविवार शाम को खेलते खेलते रतनजोत का बीज खा लिए जिसके कारण उल्टी, चक्कर आने से बच्चों की सेहत बिगड़ने लगी। घबराए परिजनों ने बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोर्रा ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद 10 बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, सभी बच्चों का इलाज जारी है। बच्चों की सेहत खराब होते देख गांव ने राजेश रात्रे, नारायण लाल सिन्हा, महेश यादव ने परिजनों को प्रेरित कर अस्पताल भेजा। युवाओ…

खाने की चीज समझ कर खा गए
परिजन भीष्म साहू और भीष्म यादव ने बताया कि गांव में रविवार को रामायण का कार्यक्रम चल रहा था बच्चे घूम रहे थे। तालाब किनारे रतनजोत का पौधा लगा हुआ है। कुछ बच्चे वहां पहुंचे और उसे काजू या खाद्य पदार्थ समझकर खा लिये। उसमें से बच्चे अपने साथ उसे बीज को ला लिए और बाकी अन्य बच्चों को भी खाने के लिए दे दिया। शाम 6 बजे लगभग बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी जिसके बाद इलाज के लिए कोर्रा अस्पताल ले गए वहां से जिला अस्पताल लाए यहां पर उपचार शुरू कर दिया गया। सभी बच्चे स्वस्थ हैं।
खुशबू निषाद 13 वर्ष, हुमेश निषाद 11 वर्ष, केदार यादव 7 वर्ष, चिराग साहू 7 वर्ष, आदित्य 9 वर्ष, कमलेश कुमार 11 वर्ष, प्रियांशु साहू 12 वर्ष, मयंक साहू 6 वर्ष, मनजीत साहू 6 वर्ष और यशराज साहू 11 वर्ष जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
सभी बच्चे खतरे से बाहर
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ अरुण टोंडर ने बताया कि रतनजोत बीज खाने के बाद मध्य रात्रि में 10 बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। शिशु रोग विशेषज्ञ की देखरेख में सभी बच्चों का इलाज किया गया। सभी खतरे से बाहर हैं छुट्टी कर दी जाएगी।
