बरेली जिले के इज्जतनगर थाना पुलिस ने भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में संविदा पर तैनात एक कार्यालय सहायक की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी और सास-ससुर को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी.
बरेली शहर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि 26 जनवरी को कैलाशपुरम की गिरजा शंकर कॉलोनी में एक मकान से जितेन्द्र कुमार यादव (33) का शव फंदे से लटका मिला था. मूलरूप से इटावा जिले का निवासी यादव यहां किराए के मकान में रहता था.
उन्होंने बताया कि प्रारंभ में इस घटना को आत्महत्या माना गया था. लेकिन, यादव के भाई अजय कुमार द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर यादव की पत्नी ज्योति समेत चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया और शव का पोस्टमार्टम कराया गया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
सीओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि जितेन्द्र कुमार यादव की मौत गला दबाने के कारण हुई जिसके आधार पर 27 जनवरी को मामले को हत्या में तरमीम कर दिया गया. उन्होंने कहा कि शनिवार को पुलिस ने इस मामले में यादव की पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरण और मां चमेली को गिरफ्तार कर लिया.
क्षेत्राधिकारी श्रीवास्तव ने कहा, “पूछताछ में ज्योति ने बताया कि वह और जितेन्द्र एक साथ पढ़ते थे और इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया. जितेन्द्र संविदा पर आईवीआरआई बरेली में नौकरी करने लगा और ज्योति भी रोडवेज में संविदा पर बस कंडक्टर के तौर पर काम करने लगी. परिवार की सहमति से दोनों ने पिछले वर्ष शादी कर ली,”
पत्नी ने कबूल किया अपना जुर्म
ज्योति ने कबूल किया कि शादी के बाद रुपयों के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होने लगे. ज्योति ने इस बारे में अपने पिता कालीचरण को भी बताया हुआ था. 26 जनवरी को कालीचरण अपनी पत्नी चमेली और बेटे दीपक के साथ उसके घर पहुंचा. उस समय जितेन्द्र और ज्योति के बीच हाथापाई हो रही थी. इसके बाद पिता, मां और भाई ने जितेन्द्र के हाथ-पैर पकड़ लिए और उसने जितेन्द्र का गला दबा दिया. आरोपियों ने इस घटना को आत्महत्या दिखाने के लिए जितेन्द्र को फंदे पर लटका दिया. पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है.
