उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में सोमवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर उस समय हड़कम्प मच गया. जब बरेली में मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अचानक इस्तीफा दे दिया. इसकी वजह उन्होंने UGC के नए नियम और प्रयागराज में शंकराचार्य और उनके शिष्यों के प्रति दुर्व्यवहार होना बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में साजिशन ब्राह्मणों को निशाना बनाया जा रहा है. देर रात उनके इस व्यवहार पर उन्हें शासन ने निलंबित कर शामली से अटैच कर दिया.
अपने इस्तीफे के चलते अलंकार अग्निहोत्री एकाएक चर्चा में आ गए. और उनके इस्तीफे पर अलग-अलग राय भी देखने को मिल रहीं हैं. देर शाम उनकी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर भी वार्ता हुई. बताया जा रहा है कि वे दोनों ही मुद्दों पर सरकार के रवैये से खफा थे.

कौन हैं PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ?
अलंकार अग्निहोत्री मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं. IIT BHU से पास आउट होने के साथ ही उन्होंने LLB की भी डिग्री ली है. अलंकार अग्निहोत्री 2019 बैच के PCS अधिकारी हैं. बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट पद पर तैनाती से पहले वे उन्नाव, बलरामपुर और एटा समेत कई जिलों एसडीएम भी रह चुके हैं. इसके साथ ही राजधानी लखनऊ में सहायक नगर आयुक्त के पद पर भी तैनात रह चुके हैं.
अलंकार अग्निहोत्री का परिवार फिलहाल कानपुर में ही रहता है. बताया जाता है कि उनका जीवन काफी कठिनाइयों में गुजरा है. वे अपने माता-पिता की बड़ी संतान हैं और 10 साल की उम्र में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था जिस वजह से अलंकार पर परिवार की जिम्मेदारियां बचपन में ही आ गईं.
10 साल तक IT फील्ड में किया काम
कानपुर में घर पर रहते हुए ही अलंकार अग्निहोत्री ने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. इसके बाद बनारस जाकर IIT BHU से बीटेक की डिग्री ली. इंजीनियर बनने के बाद अलंकार 10 साल तक एक आईटी फर्म में काम करते हुए कॉर्पोरेट नौकरी से जुड़े रहे, जिस दौरान उनकी शादी हुई. अलंकार अग्निहोत्री की पत्नी का नाम आस्था मिश्रा है.
10 साल तक कॉर्पोरेट में काम करने के बाद अलंकार अग्निहोत्री ने आर्थिक तौर पर मजबूती बना ली और फिर सिविल सर्विस की तैयारी कर PCS अधिकारी बने.
देर रात किए गए निलंबित
इस्तीफा देने से पहले अलंकार अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट किए जिसमें UGC नई गाइडलाइन का विरोध करते हुए लिखा- ‘काला कानून वापस लो’ और ‘बीजेपी का बहिष्कार करो’.
इस्तीफे के बाद और दिए गए बयानों के बाद शासन ने डीएम बरेली से रिपोर्ट लेने के बाद अलंकार अग्निहोत्री को निलम्बित कर दिया है. जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं उन पर आगे सख्त कार्रवाई भी हो सकती है.
