1.80 लाख की 120 सरिया व मेटाडोर वाहन जब्त, संगठित गिरोह का भंडाफोड़
धमतरी/ जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना कुरूद पुलिस ने रेलवे निर्माण कार्य से जुड़ी चोरी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 07 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी गई 1.80 लाख रुपये मूल्य की 120 नग लोहे की सरिया तथा घटना में प्रयुक्त मेटाडोर वाहन को शत-प्रतिशत बरामद कर लिया है।
मामला सितंबर 2025 का है। प्रार्थी अमन कुमार दुबे (26 वर्ष), निवासी एनएच बैस कैम्प खोल्हा, अभनपुर, रायपुर ने 9 सितंबर 2025 को थाना कुरूद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8-9 सितंबर की दरम्यानी रात ग्राम कन्हारपुरी के पास स्थित रेलवे टीएसएस निर्माणाधीन स्थल से अज्ञात चोर 32 एमएम की 120 नग लोहे की सरिया चोरी कर ले गए। रिपोर्ट पर थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 225/25 धारा 303(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी व गवाहों के कथन, घटनास्थल निरीक्षण, तकनीकी साक्ष्य एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की पतासाजी की। इसी दौरान संदेही विष्णु दास मानिकपुरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसने अपने मेमोरेंडम कथन में साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।

आरोपी के बयान के आधार पर पुलिस ने चंद्रभूषण सिंह, शेख फैजल, टी. शिव कुमार, ओमप्रकाश बंजारे, सुग्रीम राम एवं आकाश गुप्ता को भी हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। आरोपी सुग्रीम राम की निशानदेही पर चोरी में प्रयुक्त मेटाडोर वाहन (CG-17-KK-2545) तथा आरोपी आकाश गुप्ता के कब्जे से चोरी गई 120 नग सरिया बरामद कर विधिवत जप्त की गई।
सभी आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
तीन आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार प्रकरण में संलिप्त तीन आरोपियों के विरुद्ध पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है। आरोपी विष्णु दास मानिकपुरी के विरुद्ध कुरूद व धमतरी में सड़क दुर्घटना के प्रकरण दर्ज हैं। वहीं टी. शिव कुमार के खिलाफ हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट का गंभीर मामला पंजीबद्ध है। इसी प्रकार शेख फैजल के विरुद्ध मारपीट व आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई से रेलवे निर्माण सामग्री चोरी के मामलों में संलिप्त गिरोह पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
