मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि बस्तर अंचल का समग्र विकास और स्थानीय जनता के साथ सतत संवाद ही नक्सलवाद के खात्मे की सबसे बड़ी चाबी है. सोमवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए आगामी तीन वर्षों का एक व्यापक ‘एक्शन प्लान’ तैयार करने के निर्देश दिए.
शांति बहाली के साथ बुनियादी सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद का अंत अब निर्णायक चरण में है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा बलों के साहस से शांति बहाल हो रही है, लेकिन इस विश्वास को बनाए रखने के लिए बुनियादी सुविधाओं—शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और बिजली—का विस्तार अनिवार्य है. उन्होंने सचिवों को निर्देशित किया कि वे स्वयं बस्तर का दौरा करें और जमीनी स्तर पर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करें.
कनेक्टिविटी और डिजिटल इंडिया का विस्तार
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टावरों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में सतही जल स्रोतों के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए. साथ ही, शत-प्रतिशत आधार कार्ड कवरेज और शेष बचे गांवों के शीघ्र विद्युतीकरण को प्राथमिकता दी जाए.

पर्यटन और रोजगार से बदलेगी तस्वीर
बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ‘बस्तर टूरिज्म कॉरिडोर’ और ‘होम-स्टे’ जैसी योजनाओं पर विशेष चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने आईआईटीटीएम ग्वालियर से प्रशिक्षित स्थानीय गाइडों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यटन के माध्यम से बस्तर की नई पहचान वैश्विक पटल पर उभरेगी.
डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वनधन केंद्रों, लघु वनोपज प्रसंस्करण और पीएमश्री स्कूलों के विस्तार की भी समीक्षा की. उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) के लिए ठोस प्रस्ताव जल्द तैयार किए जाएं. बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प दोहराया.
