धमतरी/ सिहावा क्षेत्र में आयोजित भव्य शिव कथा के लिए पधारे अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथावाचक गिरी बापू रायपुर से सिहावा जाते समय कुछ समय के लिए धमतरी पहुंचे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही शहर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बन गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनका दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे।
बॉडी (प्रिंट न्यूज स्टाइल)
धमतरी प्रवास के दौरान गिरी बापू इतवारी बाजार स्थित प्राचीन एवं आस्था के प्रमुख केंद्र बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ एवं श्रीफल भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गिरी बापू ने भगवान बूढ़ेश्वर महादेव का विधिवत विशेष पूजन-अर्चन किया और नगर, प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि व शांति की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।

पूजन के पश्चात गिरी बापू ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि प्राचीन मंदिरों का संरक्षण एवं सुव्यवस्थित विकास हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है।
कोट बॉक्स (भास्कर टच)
“शिव तत्व मानव जीवन को सरल, संयमित और सकारात्मक बनाता है। शिव कथा जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है।”
— गिरी बापू
समिति का बयान (संक्षेप)
मंदिर समिति के सचिव नीलेश लुनिया ने कहा कि बूढ़ेश्वर महादेव मंदिर धमतरी का अत्यंत प्राचीन आस्था केंद्र है। इसे और अधिक सुव्यवस्थित व सुविधायुक्त बनाने के लिए विकास कार्य जारी हैं। गिरी बापू का आगमन समिति के लिए प्रेरणादायी रहा।
गिरी बापू के धमतरी आगमन से नगर में धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। संक्षिप्त प्रवास के बाद वे सिहावा के लिए रवाना हुए, जहां उनकी शिव कथा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।
