Breaking

विश्व क्षय दिवस पर धमतरी में “टीबी मुक्त भारत अभियान फेस-2” का आयोजन, महापौर रामू रोहरा रहे मुख्य अतिथि…

धमतरी पुलिस की सख्ती जारी: आदतन बदमाश कृष्णा नायक उर्फ बिट्टू जिला बदर…

धमतरी में अफीम खेती बयान पर सियासत तेज, BJP ने कहा – किसानों का अपमान, माफी मांगें…

पेपर लीक के बाद 12वीं हिंदी बोर्ड परीक्षा रद्द, 10 अप्रैल को फिर होगी परीक्षा…

कुरुद में सनसनी: नदी किनारे मिली युवक की लाश, हत्या या आत्महत्या?

शहर के रामबाग क्षेत्र में घर मे रखी गाड़ी से पेट्रोल चोरी….

AI की कीमत चुका रही है आपके फोन की बैटरी, जानें कैसे पड़ रहा है असर….

आवारा कुत्तों के हमले 15 हिरणों की मौत, वन विभाग की लापरवाही उजागर, 4 वनकर्मी निलंबित…

महापौर रामू रोहरा ने साहू समाज भवन विस्तार के लिए 35 लाख रुपये किए स्वीकृत…

चैत्र नवरात्र में अंगारमोती दाई मंदिर में उमड़ी आस्था, छप्पन भोग अर्पित…

धमतरी में अफीम खेती के आरोपों के बाद प्रशासन अलर्ट, सर्वे में नहीं मिला कोई मामला…

धमतरी में अवैध शराब परोसने वालों पर पुलिस का शिकंजा, सघन चेकिंग अभियान जारी…

तेल के बाद मिडिल ईस्ट में बिजली पर जंग! ईरान की गल्फ देशों को खुली धमकी- अमेरिकी ठिकानों को सप्लाई की तो……

गोकुलपुर पीएम विद्यालय में 10 लाख के शेड निर्माण से महापौर ने निभाई जनसेवा की प्रतिबद्धता…

धर्मांतरण के खिलाफ छत्तीसगढ़ में नया कानून पास, जानें जुर्माने का प्रावधान…

न्यूयॉर्क के La Guardia Airport के रनवे पर बड़ा हादसा, ट्रक से जा भिड़ा कनाडा एक्सप्रेस का प्लेन, कई घायल…

धमतरी में सरकारी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग! विधायक ओंकार साहू का बड़ा खुलासा…

ईद पर धमतरी में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब, महापौर रामू रोहरा ने पेश की सौहार्द की मिसाल…

चार बसों में सवार होकर 200 श्रद्धालु पहुँचे तुरतुरिया धाम — नवरात्र पर धीवर समाज की सामूहिक तीर्थयात्रा….

iPhone यूजर्स सावधान! एक क्लिक की गलती और फोन बन सकता है जासूस, खतरनाक स्पाइवेयर का बड़ा खुलासा…

सबसे खुशहाल देश तो जान लिया, ये हैं दुनिया के सबसे दुखी देश; जानें यहां क्यों रहता है मातम जैसा माहौल?

अंतरिक्ष में किस सैटेलाइट ने तय की सबसे ज्यादा दूरी, जानें उस दूरी को क्यों नहीं कर पाया कोई पार….

धर्मांतरण के खिलाफ छत्तीसगढ़ में नया कानून पास, जानें जुर्माने का प्रावधान…

धमतरी में पेट्रोल-डीजल को लेकर प्रशासन अलर्ट: कीमतों में बढ़ोतरी, रिजर्व स्टॉक रखने के निर्देश जारी…

धमतरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गांजा बेचते दो आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार…

पानीपत में ही क्यों हुईं भारत की तीन सबसे बड़ी लड़ाइयां, किसी और जगह को क्यों नहीं चुनते थे राजा?

Share

भारत का इतिहास वीरता, युद्ध और सत्ता संघर्षों से भरा पड़ा है. जब भी भारत के इतिहास में किसी बड़े युद्ध की बात होती है तो पानीपत का नाम अपने आप सामने आ जाता है. दिल्ली से लगभग 85 किलोमीटर दूर हरियाणा में बसा यह शहर सिर्फ एक आम नगर नहीं, बल्कि भारत के राजनीतिक और सैन्य इतिहास का सबसे अहम गवाह रहा है.

दिल्ली भले ही हमेशा सत्ता का केंद्र रही हो, लेकिन उसकी किस्मत तय करने वाली लड़ाइयां बार-बार पानीपत की धरती पर ही लड़ी गईं. ऐसा क्यों हुआ कि तीन-तीन बार भारत का भविष्य इसी एक स्थान पर तय हुआ. आखिर राजा-महाराजा किसी और जगह युद्ध करने के बजाय पानीपत को ही क्यों चुनते थे. यह सवाल हर इतिहास प्रेमी के मन में जरूर आता है. पानीपत की धरती ने न सिर्फ मुगल साम्राज्य की नींव रखी, बल्कि मराठों के पतन और अंग्रेजों के भारत में मजबूत होने का रास्ता भी यहीं से खुला. तो आइए जानते हैं कि पानीपत में ही क्यों भारत की तीन सबसे बड़ी लड़ाइयां हुईं, साथ ही राजा  किसी और जगह को क्यों नहीं चुनते थे.

 

 

पानीपत एक प्राचीन और ऐतिहासिक नगर

पानीपत कोई नया शहर नहीं है. इसका इतिहास हजारों साल पुराना है. महाभारत काल में भी इस स्थान का उल्लेख मिलता है. मान्यता है कि पांडवों ने जिन पांच नगरों की स्थापना की थी, उनमें से एक पानीपत भी था. उस समय इसे पांडवप्रस्थ कहा जाता था यानी यह शहर सिर्फ मध्यकालीन ही नहीं, बल्कि पौराणिक काल से ही जरूरी रहा है. समय के साथ-साथ यह स्थान राजनीतिक और सैन्य दृष्टि से बेहद अहम बन गया.

पानीपत में ही क्यों भारत की तीन सबसे बड़ी लड़ाइयां हुईं?

प्राचीन समय में दिल्ली पर हमला करने वाले ज्यादातर आक्रमणकारी उत्तर-पश्चिम दिशा, यानी पंजाब और मध्य एशिया से आते थे, दिल्ली पहुंचने से पहले उन्हें पानीपत से गुजरना ही पड़ता था. जैसे ही दिल्ली के राजा को आक्रमण की खबर मिलती थी, वह अपनी सेना लेकर पानीपत पहुंच जाता था और वहीं आक्रमणकारियों को रोकने की कोशिश करता था. इससे दिल्ली सीधे युद्ध की चपेट में नहीं आती थी. पानीपत के आसपास का क्षेत्र बिल्कुल समतल और खुला मैदान है. बड़ी सेनाओं की तैनाती, घुड़सवारों, हाथियों और तोपों के इस्तेमाल के लिए यह जगह बिल्कुल सही थी. युद्ध के लिए इससे बेहतर मैदान मिलना मुश्किल था. उस समय पानीपत के दोनों ओर नहरें थीं. एक ओर यमुना से जुड़ी नहर और दूसरी ओर दिल्ली पैरलल नहर,  इससे दोनों सेनाओं को आसानी से पानी मिल जाता था. सैनिकों के ठहरने, खाने-पीने और पशुओं के लिए यह स्थान बहुत उपयुक्त था.

राजा किसी और जगह को क्यों नहीं चुनते थे?

इतिहासकारों के अनुसार, उस समय पानीपत पर कब्जा करना लगभग दिल्ली पर कब्जा करने जैसा ही था. जो भी शासक पानीपत की लड़ाई जीतता था, वही दिल्ली की गद्दी तक पहुंच जाता था. इसी वजह से मराठा, राजपूत, अफगान और मुगल सभी जानते थे कि पानीपत में जीत का मतलब पूरे भारत में अपनी ताकत का संदेश देना है. इसी कारण से राजा किसी और जगह को हीं चुनते थे.

www.joharsagacg.com

जोहार सगा न्यूज़ – धमतरी का एक विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो शासन, समाज और जनहित से जुड़ी खबरों को सटीक, प्रमाणिक और तेज़ी से जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है – सच्चाई के साथ डिजिटल माध्यम से हर व्यक्ति तक जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना।

Edit Template

संपर्क करे

हमसे संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें:

📞 फोन: 9303600826

✉️ ईमेल: upndrasahusss@gmail.com

📍 पता: भटगांव चौक गोकुलपुर वार्ड धमतरी तह व जिला धमतरी, छत्तीसगढ़, भारत

हम आपके व्यवसाय, ब्रांड या सेवाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर देते हैं।

हमारे विज्ञापन विकल्प:

डिस्प्ले बैनर विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन

प्रायोजित लेख/समाचार


विज्ञापन अस्वीकरण

जोहार सगा न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी विज्ञापन का हम समर्थन नहीं करते। विज्ञापन में दिये गए उत्पाद, सेवाएँ और उनके लाभ विज्ञापन प्रदाताओं की जिम्मेदारी हैं। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है — किसी उत्पाद या सेवा से जुड़ी पुष्टि, उपयोगिता या प्रभाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

सोशल मिडिया पर हम

 

जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़

धमतरी ज़िले का उभरता डिजिटल वेब न्यूज़ चैनल, जो शासन के नियमों का पालन करते हुए पानी, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर साफ-सुथरी पत्रकारिता करता है।

हमारा उद्देश्य है –

  1. जनता की रोज़ी-रोटी और जीवन से जुड़े सवाल शासन-प्रशासन तक पहुँचाना।
  2. सरकारी योजनाओं व नियमों की सटीक जानकारी गाँव-गाँव और शहर तक पहुँचाना।
  3. शिक्षा, रोजगार, खेती, निजीकरण, राजनीति और संस्कृति में बदलाव को उजागर करना।
  4. पानी, जंगल, ज़मीन और पर्यावरण पर जनजागरूकता लाना।

तेज़ रफ़्तार डिजिटल दौर में, “जोहार सगा न्यूज़” भरोसेमंद खबर सीधे आपके मोबाइल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़”

देखिए अब YouTube में