पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है. बिलासपुर हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल की जमानत मंजूर कर दी. शराब घोटाला मामले में जुलाई 2025 से वो जेल में बंद हैं. अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. इसके बाद शुक्रवार (02 जनवरी 2026) को कोर्ट ने सुनवाई करते हुए चैतन्य बघेल को कानूनी राहत दी.
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. 18 जुलाई 2025 को उन्हें गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी से पहले ईडी ने दुर्ग में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर पर दो बार रेड मारी थी. चैतन्य बघेल पर आरोप है कि उन्होंने एक्साइज पॉलिसी के जरिए करोड़ों रुपये का अवैध फायदा उठाया. हाल ही में ED ने इस मामले में फाइनल चार्जशीट दाखिल की थी.

ईडी ने 22 दिसंबर 2025 को पेश की थी 8वीं पूरक चार्जशीट
ईडी ने पिछले साल 22 दिसंबर 2025 को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में उनके खिलाफ आठवीं पूरक चार्जशीट दाखिल की थी. यह चार्जशीट करीब 3200 पन्नों की थी. अब तक इस मामले में मूल सहित कुल 8 चार्जशीट कोर्ट में पेश की जा चुकी हैं. चैतन्य बघेल पर आरोप है कि उन्होंने शराब घोटाले का सिंडिकेट खड़ा करते हुए वसूली करने के लिए अफसरों को निर्देश दिए थे.
चैतन्य बघेल के खिलाफ जांच में क्या मिला?
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले को लेकर पिछले कुछ महीनों से ED, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और अन्य एजेंसियां लगातार जांच कर रही थीं. जांच में इस बात के सबूत मिले हैं कि चैतन्य बघेल ने करीब 200 से 250 करोड़ रुपए अपने हिस्से में लिए. कहा जा रहा है कि सिंडिकेट को मिलने वाले हाई लेवल प्रोटेक्शन, नीतिगत हस्तक्षेप और प्रभाव की वजह से यह घोटाला लंबे वक्त तक चल सका.
उधर, ईडी ने 30 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में शामिल कई अधिकारियों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया. इस कार्रवाई के तहत तत्कालीन एक्साइज कमिश्नर निरंजन दास और 30 अन्य एक्साइज अफसरों की कुल 38.21 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अस्थायी तौर पर अटैच कर दी गई.
