साल 2025 बीतने में अब केवल 3 दिन बचे हैं। इस साल के अंतिम रविवार को गंगरेल बांध पर्यटकों से भरा रहा। दोपहर 12 बजे से पर्यटकों का आना शुरू हुआ, जो देर-शाम तक जारी रहा। ठंडी हवा के बीच सूर्यास्त के साथ सैलानी अपने घरों की ओर लौटने लगे। इस दौरान गंगरेल मार्ग पर शाम के समय वाहनों के जाम की स्थिति देखी गई।
गंगरेल में ही समुद्र की तरह बोटिंग सुविधा का रोमांच सैलानियों को खूब आकर्षित कर रहा है। वॉटर स्पोर्ट्स संचालकों के अनुसार, पूरे दिन में लगभग 10 से 12 हजार पर्यटकों ने बोटिंग का आनंद लिया। गंगरेल बांध के पास स्थित बरहिदा
लेक व्यू कॉटेज नए साल को लेकर खासा लोकप्रिय रहा। नए साल से एक दिन पहले, 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 के लिए सभी कॉटेज पहले ही बुक हो चुके हैं।

इस बार छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों से भी सैलानियों ने यहां रहने की बुकिंग कराईं है। यहां कुल 12 हुड़न कॉटेज और 25 टेंट उपलब्ध हैं, जो सभी फुल हो गए हैं। दूसरी ओर, साल 2025 को अलविदा कहने और नए साल 2026 का स्वागत करने की तैयारियां जोरों पर हैं।
