धमतरी/ जिला साहू संघ धमतरी के अध्यक्ष अवनेन्द्र साहू ने अपने पुत्र और पुत्री का विवाह वैदिक रीति और सनातन संस्कारों के अनुरूप गोधली बेला में सम्पन्न कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया है। दिन में होने वाले विवाह को लेकर बनी भ्रांतियों के बीच यह आयोजन पूरे समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है।
समारोह के साक्षी बने पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि दिन में विवाह हमारे सनातन संस्कारों की मूल परंपरा है, जहां रिश्तेदार और समाजजन हर रस्म को देखते-सुनते और आशीर्वाद देते हैं।
छत्तीसगढ़ साहू समाज के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. निरेन्द्र साहू ने बताया कि समाज की नियमावली में गोधली बेला में विवाह को प्राथमिकता दी गई है और अवनेन्द्र साहू द्वारा किया गया यह आयोजन सभी के लिए अनुकरणीय है।

नगर निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने कहा कि इच्छाशक्ति हो तो दिन में विवाह पूरी तरह संभव है। साहू परिवार ने यह मिसाल कायम कर पूरे समाज को वैदिक परंपरा अपनाने का संदेश दिया है। उपस्थित लोगों ने कहा कि पूरी विधि-विधान से गोधली बेला का विवाह देखने को मिला, जो समाज में परंपराओं के पुनर्जागरण जैसा है।
धमतरी से सुबह 7 बजे निकली बारात समय पर लोरमी पहुँची और कांकेर से धमतरी आई बारात—दोनों ही ओर से पाणिग्रहण संस्कार गोधली बेला में सम्पन्न हुआ। यह आयोजन समाज में संस्कार, समयपालन और वैदिक परंपरा को जीवंत करने की प्रेरक पहल मानी जा रही है।

