धमतरी पुलिस–स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल; सड़क सुरक्षा जागरूकता पर फोकस
धमतरी/ सुरक्षित सड़क परिवहन को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से मरौद टोल प्लाजा में धमतरी पुलिस व जिला स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से नेत्र परीक्षण और यातायात जागरूकता शिविर लगाया।
शिविर का आयोजन एसपी सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर किया गया। यातायात डीएसपी, ट्रैफिक प्रभारी और पुलिस टीम मौजूद रही।
56 ड्राइवरों की आंखों की जांच
डॉक्टर लुकेश कुर्रे, प्रवीण टंडन और डुटेन्द्र कंवर की टीम ने भारी व हल्के वाहनों के 56 चालकों की जांच की।
जांच में—
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नजर की शक्ति
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रंग पहचान
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नाइट विजन
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विजुअल क्लैरिटी
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प्रारंभिक नेत्र रोग
की विस्तृत जांच की गई।
जिन्हें चश्मे की जरूरत थी, उन्हें नियमित उपयोग की सलाह दी गई।
डॉक्टरों ने बताया कि स्पष्ट दृष्टि दुर्घटनाओं में 15–20% तक कमी ला सकती है।

रात में ड्राइविंग के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
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हाई बीम का अनावश्यक उपयोग न करें
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रिफ्लेक्टर लगे वाहनों को प्राथमिकता दें
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बारिश/कोहरे में धीमी गति रखें
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थकान होने पर तुरंत विश्राम करें
ट्रैफिक पुलिस ने बताए जरूरी नियम
(1) निर्धारित गति सीमा का पालन
ओवरस्पीडिंग को दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बताते हुए सावधानी की अपील।
(2) सीटबेल्ट और हेलमेट अनिवार्य
चारपहिया में सीटबेल्ट और दोपहिया पर हेलमेट को जीवन रक्षक बताया गया।
(3) नशे में ड्राइविंग पर सख्त चेतावनी
नशे में वाहन चलाना अपराध—सड़क हादसों का बड़ा कारण।
(4) ओवरटेकिंग नियम समझाए
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सिर्फ दाईं ओर से ओवरटेक
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मोड़, पुल और जंक्शन पर ओवरटेकिंग नहीं
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संकेत देकर ही ओवरटेक करना
(5) वाहन फिटनेस की अनिवार्यता
टायर, ब्रेक, लाइट, फॉग लैंप, मिरर की नियमित जांच पर जोर।
(6) Fatigue Management
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हर 2–3 घंटे में ब्रेक
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पानी और हेल्दी भोजन
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लगातार 8–10 घंटे ड्राइविंग से बचें
(7) दुर्घटना के समय प्राथमिक उपचार
CPR, रक्तस्राव रोकने और घायल को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का डेमो दिया गया।
ड्राइवरों से अपील
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ट्रैफिक नियमों का पालन करें
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किसी भी दृष्टि/स्वास्थ्य समस्या पर तुरंत जांच कराएं
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रात में लंबी दूरी तय करते समय पर्याप्त विश्राम लें
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सीटबेल्ट–हेलमेट का नियमित उपयोग करें
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सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी
