कलेक्टर के निर्देश : सभी पात्र किसान समय-सीमा में कर लें पंजीयन
धमतरी/ 27 नवंबर जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि एग्रीस्टैक पोर्टल पर अपना पंजीयन 30 नवंबर 2025 तक हर हाल में पूरा करें। कृषि विभाग ने बताया कि पोर्टल निर्धारित तिथि तक खुला हुआ है और इस दौरान सभी पात्र कृषकों का पंजीयन अनिवार्य रूप से किया जाना है।
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने जिले के सभी नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर किसानों का पंजीयन समय-सीमा के भीतर पूरा कराएं। उन्होंने कहा कि यह कार्य शीर्ष प्राथमिकता का है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
CSC, तहसीलदार ID और स्वयं ऑनलाइन—तीन विकल्प
किसान CSC (लोक सेवा केंद्र), तहसीलदार की ID या स्वयं ऑनलाइन माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। प्रशासन ने बताया कि जिले में FRA और डुबान से जुड़े कार्य फिलहाल स्थगित रहेंगे। इनकी नई तिथियाँ बाद में जारी की जाएंगी।
निर्धारित अवधि के बाद यदि किसी कृषक का पंजीयन छूट जाता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी/नोडल प्रभारी की होगी।

समिति और तहसील लॉगिन में उपलब्ध सेवाएँ
समिति लॉगिन में—
• कृषक एवं संस्थागत कैरी फॉरवर्ड
• कृषक नवीन पंजीयन
• नॉमिनी संशोधन
• रकबा/फसल संशोधन
तहसील लॉगिन में—
• संस्थागत नवीन पंजीयन
• रेंगहा/अधिया पंजीयन
• संयुक्त पंजीयन
• डुबान पंजीयन
• कृषक एवं संस्थागत निरस्तीकरण
• रकबा संशोधन
रकबा संशोधन, कैरी फॉरवर्ड तथा टोकन से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए सभी सोसाइटी को 30 नवंबर तक संशोधन का पूरा प्रावधान दिया गया है।
किसानों के लिए जरूरी निर्देश
जिला प्रशासन ने किसानों से अनुरोध किया है कि—
• अपने सभी खसरा नंबरों की प्रविष्टि एग्रीस्टैक पोर्टल में अवश्य कराएं।
• प्रविष्टि पूर्ण होने के बाद एग्रीस्टैक सूची व आधार कार्ड की प्रति लेकर समिति में जाएं।
• आवश्यक सुधार निर्धारित समय-सीमा के भीतर करवा लें।
पंजीयन पूरा होने से किसानों को कृषि योजनाओं, अनुदानों, फसल बीमा, समर्थन मूल्य खरीदी सहित कई लाभ समय पर मिल सकेंगे और भविष्य की समस्याओं से भी बचाव होगा।
गांव-गांव जागरूकता अभियान
जिला प्रशासन द्वारा गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिकतम किसान पंजीयन कर सकें। किसान किसी भी सहायता हेतु CSC केंद्र, समिति, तहसील कार्यालय या ग्राम पंचायत सचिव से संपर्क कर सकते हैं।
