फसल चक्र परिवर्तन व जल संरक्षण पर दिया विशेष जोर**
धमतरी/ 25 नवम्बर कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने मंगलवार को जिले के कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन और उद्यानिकी विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और किसानों को फसल चक्र परिवर्तन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने वर्षा आधारित सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए खेत-तालाब, नाला-रोधन, स्टॉप डैम और सूक्ष्म सिंचाई को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि किसानों में कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही जल स्रोतों के संरक्षण व पुनर्भरण को ग्राम स्तर पर जनभागीदारी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने धान खरीदी से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान, कृषि विभाग—राजस्व अमला—सीसीबी नोडल—बैंक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और खरीदी प्रक्रिया को सुगम बनाने पर फोकस किया।
उन्होंने बीज वितरण कार्यक्रम को जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराने और कैरी फॉरवर्ड खसरा के सत्यापन को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

पशुपालन विभाग: लक्ष्य पूर्ति और टीकाकरण पर जोर
पशुपालन विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने जिले में पशुधन विकास की संभावनाओं को देखते हुए प्रभावी कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान योजना में 100% लक्ष्य पूर्ति, दुग्ध संग्रहण केंद्रों में सुधार, अधिक से अधिक पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने और पशुओं के टीकाकरण अभियान को गति देने पर विशेष जोर दिया।
उद्यानिकी विभाग: क्षेत्र विस्तार से लेकर हाईटेक फ्लोरिकल्चर तक समीक्षा
उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में कलेक्टर ने फसल क्षेत्र विस्तार, सब्जी, फूल, मसाला उत्पादन, शेडनेट, पाली हाउस, फेंसिंग, सपोर्ट सिस्टम और वर्मीकम्पोस्ट जैसी योजनाओं की प्रगति जानी।
आयल पाम की खेती में इच्छुक किसानों को अध्ययन भ्रमण पर भेजने का सुझाव दिया गया। साथ ही केसीसी से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश भी दिए।
उन्होंने जिले में हाईटेक फ्लोरिकल्चर, पॉलीहाउस और शासकीय उद्यान रोपणी की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बैठक में उपसंचालक पशुपालन मरकाम, सहायक संचालक मत्स्यपालन राधव, सहायक संचालक उद्यानिकी गीता साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर मिश्रा के सक्रिय प्रयासों से जिले में कृषि, पशुपालन और उद्यानिकी क्षेत्रों में सतत विकास और किसानों की आमदनी बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
