धमतरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
देश का पहला प्रोजेक्ट, 36 माह में होगा पूरा, 95 लाख का प्रस्ताव
विशेष लेख: अमित नूनीवाल, सूचना अधिकारी
धमतरी | 2 अक्टूबर महिलाओं के कौशल विकास और आजीविका संवर्धन की दिशा में धमतरी में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। एन.आई.टी. रायपुर और डी.एस.आई.आर. (DSIR) की साझेदारी में देश का यह पहला प्रोजेक्ट होगा, जो खासकर ग्रामीण व वनांचल क्षेत्र की महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा।
इस परियोजना का संचालन Technology Development and Utilization Programme for Women (TDUPW) योजना के अंतर्गत किया जाएगा, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार द्वारा समर्थित है।
वन उत्पादों पर आधारित कौशल विकास और डिजाइन नवाचार
धमतरी जिला ऐतिहासिक रूप से अनाज और वन आधारित उत्पादों के उत्पादन में अग्रणी रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएं इन क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। इस परियोजना में:
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वनोपज (NTFP) आधारित उत्पादों का वैल्यू एडिशन
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पारंपरिक बुनाई में आधुनिक डिजाइन हस्तक्षेप
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फाइबर एक्सट्रैक्शन तकनीक से अपशिष्ट से उत्पाद (Waste to Wealth)
जैसी गतिविधियाँ शामिल रहेंगी।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामुदायिक भागीदारी
परियोजना के निदेशक डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, सहायक प्राध्यापक, एन.आई.टी. रायपुर होंगे।
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एन.आई.टी. रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) तकनीकी विशेषज्ञता, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार की भूमिका निभाएगा।
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जिला प्रशासन, अवसंरचना, संसाधन और समुदाय के जुड़ाव की जिम्मेदारी संभालेगा।

95 लाख की लागत से 36 माह में होगा क्रियान्वयन
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 95 लाख रुपए रखी गई है, जिसे 36 माह में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
कलेक्टर की सोच – ग्रामीण महिलाओं को नई पहचान
कलेक्टर अभिनव मिश्रा ने कहा:
“यह परियोजना धमतरी की ग्रामीण आजीविका को नया आयाम देगी। तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधनों और वैज्ञानिक नवाचार से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। यह प्रयास सतत विकास और सामाजिक-आर्थिक बदलाव का वाहक बनेगा।”
क्या होगा लाभ
✔️ दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को प्राथमिकता
✔️ स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमिता को बढ़ावा
✔️ महिला सशक्तिकरण और आर्थिक स्थिति में सुधार
✔️ जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई पहचान
अंतिम
एन.आई.टी. रायपुर और डी.एस.आई.आर. की यह संयुक्त पहल न सिर्फ महिलाओं को तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि उन्हें समाज में नई पहचान और स्वाभिमान भी प्रदान करेगी। यह परियोजना धमतरी के लिए सतत आर्थिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
