28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 25 अक्टूबर को बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई थी। वहीं, बालोद, धमतरी, रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
26 अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, कांकेर, कोंडागांव, बिलासपुर, बेमेतरा और बस्तर सहित विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना बताई गई है। 27 अक्टूबर को दक्षिण छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा होने तथा कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
किसानों को कटाई और बुवाई टालने की सलाह
बारिश की संभावना को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पकने की अवस्था में पहुंच चुकी धान, दलहन और तिलहन फसलों की कटाई फिलहाल दो से चार दिन तक टालने की सलाह दी है। जिन किसानों ने फसल की कटाई कर ली है, वे उपज को जल्द से जल्द सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखें, ताकि बारिश से फसल को नुकसान न हो।
खेतों में जलभराव की स्थिति से बचने के लिए अतिरिक्त पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने और नियमित रूप से खेतों की निगरानी करने की सलाह दी गई है। फसलों में कीट या रोग के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही उचित कीटनाशक या कवकनाशक का छिड़काव करें।
इसके अलावा, उतेरा फसल के रूप में तिवरा और अलसी की बुवाई कुछ दिनों के लिए टालने की सलाह दी गई है। रबी फसलों की बुवाई नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू करने का सुझाव दिया गया है।

सब्जियों, फलों और पशुओं की सुरक्षा पर दें ध्यान
तेज हवा और बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को लौकी, करेला जैसी लता वाली सब्जियों को सहारा देने की सलाह दी गई है। केले के जिन पौधों में फूल या फल आ चुके हैं, उन्हें बांस का सहारा देकर गिरने से बचाया जा सकता है। खेतों और बगीचों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करना भी जरूरी है।
जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि की आशंका हो, वहां उपलब्धता के अनुसार ओलावृष्टिरोधी जाली का उपयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं, पशुओं को सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखें। उनके लिए पर्याप्त चारे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था करें। वज्रपात के दौरान पशुओं और लोगों को पेड़ों के नीचे आश्रय लेने से बचना चाहिए।

किसानों से सतर्क रहने की अपील
आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने और कृषि संबंधी सावधानियां बरतने की जरूरत है। समय रहते फसलों की सुरक्षा, जल निकासी और पशुओं के लिए सुरक्षित व्यवस्था करने से संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।
