सर्व शैक्षिक संगठन ने कलेक्टर व डीईओ को सौंपा ज्ञापन, सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
धमतरी/ जिले में शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के नाम पर बढ़ते प्रशासनिक दबाव, एकतरफा कार्यवाही और भययुक्त वातावरण को लेकर सर्व शैक्षिक संगठन जिला धमतरी की आवश्यक बैठक कर्मचारी भवन में आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अध्यापन कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।
पदाधिकारियों ने बताया कि विगत वर्ष बोर्ड परीक्षा परिणाम असंतोषजनक रहने के पीछे कई कारण हैं। मिशन अव्वल के तहत प्रतिमाह 5–6 दिवस परीक्षा आयोजित किए जाने से नियमित अध्यापन बाधित हो रहा है। इसके Add Postअलावा गैर-शैक्षणिक कार्य, असमय प्रशिक्षण, ऑनलाइन कार्यों की अधिकता, शिक्षकों की कमी तथा शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को अन्य विभागों में संलग्न किए जाने से विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि निरीक्षण के नाम पर अधिकारियों द्वारा एकतरफा प्रशासनिक कार्यवाही की जा रही है, जिससे शिक्षकों में भय का माहौल बन रहा है। इन समस्याओं को जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में उठाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

सर्व शैक्षिक संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो इस वर्ष भी परीक्षा परिणाम प्रभावित हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की होगी। संगठन ने मांग की कि निरीक्षण के दौरान दबाव के बजाय सुधारात्मक और सुझावात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाए।
बैठक के उपरांत संगठन के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन कलेक्टर धमतरी एवं जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई।
बैठक में विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के जिला व प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
