हसपुरा थाना क्षेत्र के अमझर शरीफ पंचायत अंतर्गत सैदपुर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां 5 नाबालिग बच्चियों द्वारा एक साथ जहर खाने की खबर है, जिसमें 4 बच्चियों की मौत हो गई. घटना गुरुवार (29 जनवरी) की बताई जा रही है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परिजनों ने चारों बच्चियों का अंतिम संस्कार भी एक साथ कर दिया, लेकिन इसकी सूचना न तो पुलिस को दी गई और न ही किसी स्तर पर मामला सामने आने दिया गया.
पुलिस तक नहीं पहुंची खबर, ग्रामीणों की चुप्पी
घटना के बाद पूरे गांव में अजीब सन्नाटा पसरा हुआ है. ग्रामीणों ने इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साध रखी है. किसी ने भी खुलकर यह नहीं बताया कि बच्चियों ने जहर क्यों और कैसे खाया. पुलिस को भी इस घटना की भनक नहीं लगी थी. बाद में जब मीडिया में खबर प्रकाशित हुई, तब जाकर पुलिस प्रशासन हरकत में आया.

जांच के लिए गांव पहुंचे अधिकारी
रविवार (1 फरवरी) दोपहर करीब दो बजे दाउदनगर के एसडीपीओ अशोक कुमार दास सैदपुर गांव पहुंचे और मामले की जांच शुरू की. मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद वे जांच के लिए गांव आए हैं, लेकिन गांव में एक भी पुरुष मौजूद नहीं मिला. किसी ने भी 5 बच्चियों द्वारा एक साथ जहर खाने या चार की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
आईजी स्तर तक पहुंचा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध प्रक्षेत्र के आईजी क्षत्रनील सिंह और एसपी अंबरीश राहुल भी सैदपुर गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने खुलकर कुछ कहने से परहेज किया.
सवालों में घिरी घटना
4 नाबालिग बच्चियों की मौत और एक बच्ची के जीवित बचने की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर बच्चियों ने जहर क्यों खाया, उन्हें जहर कहां से मिला और इतनी बड़ी घटना को छुपाने की कोशिश क्यों की गई. इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है. फिलहाल पूरा गांव सदमे और रहस्य के माहौल में डूबा हुआ है.
