धमतरी/ खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन में धमतरी जिले ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में तैयार की गई सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान-अनुकूल धान खरीदी व्यवस्था का परिणाम है।
जिला प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा, पारदर्शिता, समयबद्ध भुगतान तथा अवैध गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गईं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए।
किसानों का व्यापक पंजीयन, राज्य में सर्वाधिक खरीदी
जिले में 74 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों/आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 100 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 1,29,593 किसानों का पंजीयन किया गया। इनमें
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73,987 सीमांत कृषक,
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53,154 लघु कृषक एवं
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2,452 दीर्घ कृषक शामिल हैं।
कुल पंजीकृत किसानों में से 95.74 प्रतिशत किसानों से धान खरीदी पूर्ण की जा चुकी है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।

रिकॉर्ड खरीदी, समय पर भुगतान
15 नवंबर 2025 से 30 जनवरी 2026 तक जिले में
1,24,073 किसानों से 5,91,094.40 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई।
इसकी कुल राशि 1,401.56 करोड़ रुपये है, जिसमें से
1,17,044 किसानों को 1,324.52 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
शेष किसानों को भी शीघ्र भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
खरीदी व्यवस्था पर कड़ी निगरानी
धान उपार्जन को पारदर्शी बनाए रखने के लिए सभी 100 उपार्जन केंद्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। इनके द्वारा साप्ताहिक समीक्षा की गई।
कोचियों एवं बिचौलियों पर नियंत्रण हेतु राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता एवं मंडी विभाग की संयुक्त उड़नदस्ता टीमें गठित की गईं।
अंतरराज्यीय अवैध धान परिवहन रोकने के लिए उड़ीसा सीमा से लगे बोराई (घुटकेल), बांसपानी, बनरौद एवं सांकरा में 24 घंटे निगरानी के साथ चेक पोस्ट स्थापित किए गए।
मिलिंग व भंडारण में भी प्रगति
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में उपार्जित धान की मिलिंग के लिए जिले में 204 राइस मिलों का पंजीयन किया गया है।
कस्टम मिलिंग हेतु 2,17,782.20 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया, जिसके विरुद्ध 162 मिलरों द्वारा 1,86,755.20 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।
इसके अलावा संग्रहण केंद्रों में भंडारण के लिए 1,41,280 मीट्रिक टन का टीओ जारी किया गया, जिसमें से 76,574.12 मीट्रिक टन धान का भंडारण पूर्ण किया जा चुका है।
