Sanitary Pads Quality: भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा निर्देश जारी किया है. इस निर्देश में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वह सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड देना सुनिश्चित करें. कोर्ट ने साफ तौर पर कहा है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य संविधान के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा है. इसी बीच आइए जानते हैं कि स्कूलों में मिलने वाले सैनिटरी पैड की क्वालिटी कैसी होनी चाहिए और इसे कैसे चेक कर सकते हैं.
स्कूल सैनिटरी पैड में क्वालिटी क्यों मायने रखती है
स्कूल जाने वाली लड़कियां लंबे समय तक सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करती हैं. उनके पास बार-बार बदलने का ऑप्शन नहीं होता. अगर पैड का मटेरियल खुरदरा, कम सोखने वाला या फिर केमिकली असुरक्षित है तो इससे त्वचा में जलन, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन या फिर फंगल ग्रोथ हो सकती है. हाई क्वालिटी पैड आराम और सुरक्षा को पक्का करते हैं.

सैनिटरी पैड के लिए जरूरी क्वालिटी स्टैंडर्ड
स्कूलों में सप्लाई किए जाने वाले सैनिटरी पैड को ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करना होता है. BIS IS 5405:2019 सर्टिफिकेशन वाले यह पैड इस बात को पक्का करते हैं कि सुरक्षित कच्चे माल का इस्तेमाल किया गया है और हानिकारक केमिकल्स से बचा गया है. इस निशान से यह पता चलता है कि पैड अच्छी क्वालिटी का है और इसे हमेशा पैकेजिंग पर जरूर जांचना चाहिए. पैड की ऊपरी शीट मुलायम, नॉन वोवन और त्वचा के अनुकूल होनी चाहिए. खुरदरी या प्लास्टिक जैसी सतहों से घर्षण और रैशेज हो सकते हैं.
एक अच्छी क्वालिटी का पैड मासिक धर्म के तरल पदार्थ को जल्दी सोख लेता है और उसे अंदर लॉक कर देता है. ताकि सतह सूखी रहे. इससे स्कूल के घंटों के दौरान लीकेज, बदबू और बेचैनी से बचा जा सकता है. इसी के साथ पैड का पीएच लेवल 5.5 और 8.0 के बीच होना चाहिए.
क्वालिटी जांचने के आसान तरीके
क्वालिटी जांचने के लिए हमेशा लैब टेस्टिंग की जरूरत नहीं होती. सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ बेसिक टेस्ट स्कूलों या फिर घरों में आसानी से किया जा सकते हैं. एक काफी ज्यादा आम तरीका है पोर टेस्ट. लगभग 20-30 लीटर रंगीन पानी धीरे-धीरे पैड पर डालें. एक अच्छा पैड लिक्विड को बिना फैले या फिर किनारों से लीक हुए जल्दी सोख लेता है.
इसी के साथ गीलेपन का टेस्ट भी उतना ही जरूरी है. 20-30 सेकंड इंतजार करने के बाद पैड की सतह पर एक साफ टिशु या फिर सफेद कागज को दबाएं. अगर टिशु सूखा रहता है या फिर सिर्फ हल्का गीला होता है तो पैड में अच्छी सोखने और नमी को लॉक करने की क्षमता है.
इसी के साथ चिपकने की ताकत को भी चेक करना चाहिए. पैड अंडरगारमेंट्स पर मजबूती से चिपकना चाहिए लेकिन बिना कोई चिपचिपा निशान छोड़े आसानी से भी निकल जाना चाहिए. खराब चिपकने वाली क्वालिटी से चलने फिरने के दौरान परेशानी हो सकती है.