100% परीक्षा परिणाम के दबाव का विरोध, भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण की मांग
धमतरी/ प्राचार्य मंच जिला धमतरी ने अपनी विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मांगों को लेकर कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर के फील्ड प्रवास पर होने के कारण ज्ञापन उनके प्रतिनिधि के रूप में अपर कलेक्टर पवन कुमार प्रेमी को दिया गया। ज्ञापन अध्यक्ष टी.आर. नागवंशी एवं जिला सचिव गेवाराम नेताम के नेतृत्व में वरिष्ठ प्राचार्यों की उपस्थिति में सौंपा गया।
प्राचार्य मंच के प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर के साथ बैठकर पॉइंट-टू-पॉइंट सकारात्मक चर्चा की। प्रमुख मांगों में मिशन अव्वल कार्यक्रम समाप्त करने, विनोबा एप एवं एनजीओ के हस्तक्षेप से शिक्षा विभाग को मुक्त रखने, विभिन्न गतिविधियों को स्वैच्छिक रखने तथा अध्ययन-अध्यापन के लिए पर्याप्त समय देने की मांग प्रमुख रही।
प्राचार्यों ने जिले में नित्य नए प्रयोगों पर रोक लगाने, प्री-बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन संस्था स्तर पर करने, तथा हाई स्कूल-हायर सेकेंडरी निरीक्षण हेतु कनिष्ठ व्याख्याताओं को एपीसी के रूप में ड्यूटी पर लगाए जाने को प्राचार्य पद की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
प्राचार्य मंच ने स्पष्ट किया कि प्राचार्य संवर्ग राजपत्रित पद है, जो बीईओ व सहायक संचालक प्रशासन के समकक्ष है। ऐसे में बीईओ द्वारा स्पष्टीकरण जारी करना, बीईओ-बीआरसी द्वारा निरीक्षण करना तथा गैर अकादमिक कर्मचारियों द्वारा ऑनलाइन बैठक लेना पद गरिमा एवं शिष्टाचार के विपरीत है।

इसके अलावा प्राचार्य संवर्ग को आवश्यक प्रशिक्षण, शैक्षिक कार्यालयों में सम्मानजनक व्यवहार, तथा वीएसके एप को मोबाइल निजता व सुरक्षा के दृष्टिकोण से बंद करने की मांग भी रखी गई। प्राचार्य मंच ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि यदि जमीनी समस्याओं का निराकरण किया जाता है तो संस्था प्रमुख बेहतर परीक्षा परिणाम एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध रहेंगे।
अपर कलेक्टर पवन कुमार प्रेमी ने कई मांगों पर सहमति जताते हुए प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ज्ञापन की प्रमुख मांगों को कलेक्टर महोदय के समक्ष रखा जाएगा तथा इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी एवं बोर्ड परीक्षा के प्रशासनिक नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर कल्पना ध्रुव के साथ चर्चा की जाएगी।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
बृजलाल देवांगन, एम.एल. साहू, नवीन खरे, पूनम पांडे, अर्चना नेताम, प्रेमलता ध्रुव, मनमोहन दास, सी.डी. रात्रे, रामानंद साहू, देवनाथ साहू, सी.के. शर्मा, अशोक सिन्हा, प्रेमुराम साहू, शंकरलाल देवांगन, चंपा चंद्राकर, नविता तिवारी, चित्ररेखा बंजारे, किशोर कुमार साहू, कन्हैया लाल साहू, केशव कुमार साहू, जनक राम कुर्रे, नरेश कुमार पटेल, अजीत कुमार ध्रुव, चंद्रकुमार मनहर, के.पी. साहू, एन.आर. शांडिल्य, सुरेंद्र ध्रुव सहित बड़ी संख्या में प्राचार्यगण उपस्थित रहे।
