धमतरी/ जिले में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली में शामिल होने प्रदेश के कोने-कोने से हजारों युवा धमतरी पहुंच रहे हैं। प्रशासन और नगर निगम द्वारा सेवा सहयोग किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात कुछ और ही तस्वीर पेश कर रहे हैं। भर्ती रैली में शामिल होने आए युवा रात के समय खुले मैदानों और खाली जगहों पर ठंड में समय गुजारने को मजबूर हैं।

भर्ती स्थल से दूर ठहराव बना परेशानी
प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा युवाओं के रुकने के लिए भवनों की व्यवस्था की गई है, लेकिन ये भवन भर्ती स्थल से कई किलोमीटर दूर स्थित हैं। भर्ती रैली में प्रवेश की प्रक्रिया रात्रि 12 बजे से शुरू की जाती है। ऐसे में भीड़ और जांच प्रक्रिया के कारण युवा रात्रि 9 बजे से ही भर्ती स्थल के आसपास पहुंच जाते हैं और खुले मैदानों में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं।

पंडाल नहीं, ठंड से जूझते अभ्यर्थी
भर्ती स्थल के आसपास किसी भी प्रकार की पंडाल या अस्थायी शेल्टर की व्यवस्था नहीं होने से सैकड़ों युवाओं को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि दूर स्थित भवनों में जाने पर प्रवेश से वंचित होने का डर रहता है, इसलिए वे भर्ती स्थल के पास ही रुकने को मजबूर हैं।

जज्बा मजबूत, व्यवस्थाओं पर सवाल
देश सेवा का जज्बा इन युवाओं को हर असुविधा के बावजूद भर्ती रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहा है। वहीं रैली शुरू होने से पहले धमतरी विधायक और विपक्ष ने तैयारियों को लेकर नगर निगम और प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन युवाओं की वास्तविक परेशानी किसी को नजर नहीं आई।
बयानबाजी की जगह व्यवस्था की जरूरत
स्थानीय लोगों और युवाओं का कहना है कि यदि जिला प्रशासन, नगर निगम और जनप्रतिनिधि वास्तव में युवाओं के हित में सोचते, तो बयानबाजी के बजाय भर्ती स्थल के आसपास खुली जगहों पर पंडाल की व्यवस्था कर दी जाती। इससे एक ही स्थान पर सैकड़ों युवाओं को रोका जा सकता था और उन्हें ठंड से राहत मिलती।
