भारत में मकर संक्रांति और बसंत पंचमी जैसे त्योहारों पर पतंग उड़ाई जाती है. इसी के साथ पतंगबाजी की प्रतियोगिताएं भी होती हैं. वहीं अगर पाकिस्तान की बात करें तो यहां पतंग उड़ाना लोगों को जेल तक पहुंचा सकता है.आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.
बैन के पीछे सबसे बड़ी वजह पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली डोर है. इन डोर पर कांच, केमिकल की परत चढ़ी होती है. ये मेटैलिक तार से बनी होती हैं. जब ये सड़कों पर लटकती हैं तो मोटरसाइकिल सवारों और पैदल चलने वालों का गला काट सकती हैं.
मैटेलिक पतंग के तार अक्सर हाई वोल्टेज बिजली की लाइनों के संपर्क में आ जाते हैं. इससे बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो जाती है और कई दुखद मामलों में फंसी हुए पतंग को निकालने की कोशिश में बच्चों को बिजली का झटका भी लगा है.पाकिस्तान में पतंग उड़ाने के त्योहारों के साथ अक्सर हवाई फायरिंग, लापरवाह मोटरसाइकिल स्टंट और सड़कों पर हिंसा होती थी. जश्न में की गई फायरिंग से कई मौतें हुई हैं.

पाकिस्तान में कुछ धार्मिक विद्वानों ने फतवे जारी करके पतंग उड़ाने को गैर इस्लामी भी घोषित कर दिया है. उन्होंने यह तर्क दिया है कि यह फिजूल खर्ची, जोखिम लेने और खुद को नुकसान पहुंचाने को बढ़ावा देता है.पंजाब रेगुलेशन ऑफ काइट फ्लाइंग एक्ट के तहत सजा काफी कड़ी है. पतंग उड़ाते हुए पकड़े जाने पर 3 से 5 साल की जेल और 20 लाख से 50 लाख पाकिस्तानी रुपयों तक का जुर्माना हो सकता है.
पतंग उड़ाने से जुड़े अपराध अब गैर जमानती हैं. इसका मतलब है की गिरफ्तारी होने पर तुरंत जेल हो सकती है. अगर कोई नाबालिक पतंग उड़ाता है तो कानून माता-पिता को जिम्मेदार ठहरता है और पहले अपराध के लिए ₹50000 और बार-बार उल्लंघन करने पर ₹100000 तक का जुर्माना ले सकता है.
