छत्तीसगढ़ी संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक एकजुटता का दिया संदेश
धमतरी/ जय छत्तीसगढ़ महतारी महिला सेवा संस्थान द्वारा आज संस्था का वार्षिकोत्सव (स्थापना दिवस) हर्षोल्लास एवं पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
इस अवसर पर प्रसादी के रूप में ठेठ छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई, जिसमें ठेठरी, गुजिया, खुरमा, अरसा, शकरपारा, सलोनी, गुलगुला, भजिया, बेसन भजिया, पूड़ी, बड़ा, तिल लड्डू, मुर्रा लड्डू, करी लड्डू, गाजर हलवा, सूजी हलवा एवं चावसेला प्रमुख रहे। पारंपरिक स्वादों ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
कार्यक्रम में संस्था की बड़ी संख्या में सदस्याएं एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से मोहनी साहू, शमीना अंजुम, भारती साहू, रितु प्रधान, कनक शाह, भावना मरकाम, वीना देवांगन, भारती सोनी, मालती देवी, हिना मरकाम, तन्नू साहू, कोतिमा यदु, खिलेश्वर साहू, शिवा प्रधान एवं शेख सोहेल की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

साथ ही एक्जेक्ट फाउंडेशन संस्था से जयश्री सोनेकर, दामिनी सोनेकर, प्रशांत साहू, राधा यादव, नर्मदा एवं तेजस सोनी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान एक्जेक्ट फाउंडेशन के बच्चों द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ी गीत “आरपा पैरी के धार” ने उपस्थितजनों को भावविभोर कर दिया और सांस्कृतिक माहौल को जीवंत बना दिया।
संस्था द्वारा आयोजित इस वार्षिकोत्सव का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ी संस्कृति के संरक्षण, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक एकजुटता को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में सभी उपस्थितजनों का सक्रिय सहयोग सराहनीय रहा।
