नेपाल के परसा जिले के बीरगंज शहर में हाल ही में एक मस्जिद में तोड़फोड़ के आरोपों के बाद दो समुदायों के बीच तनाव पैदा हो गया. हालात इतने बिगड़े कि स्थानीय प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा. बीरगंज भारत के रक्सौल बॉर्डर से सटा हुआ इलाका है, इसलिए सुरक्षा कारणों से भारत की सीमा पर भी अलर्ट घोषित कर दिया गया. प्रशासन का कहना है कि शांति बनाए रखने के लिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है. लेकिन सवाल यह है कि आखिर मस्जिदों के आसपास बार-बार बवाल क्यों होता है और इतिहास में किस मस्जिद ने सबसे ज्यादा विवाद झेला? चलिए जान लेते हैं.
नेपाल में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाएं
नेपाल में हाल के वर्षों में सांप्रदायिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है. 2025 में जेन-जी आंदोलन के बाद राजनीतिक बदलाव और सत्ता परिवर्तन हुआ. अब देश में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव होने हैं. ऐसे में छोटी-छोटी घटनाएं भी बड़ा रूप ले लेती हैं. बीरगंज से पहले दक्षिणी धनुषा जिले में भी एक मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी, जिसने माहौल को और संवेदनशील बना दिया.

भारत-नेपाल सीमा पर असर
बीरगंज में बवाल का सीधा असर भारत-नेपाल सीमा पर दिखा. रक्सौल बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया. दोनों देशों के प्रशासन की नजर इस बात पर है कि हालात सीमा पार तनाव का रूप न लें. सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा को रोका जा सके.
भारत में मस्जिदों से जुड़े पुराने विवाद
अगर भारत की बात करें तो मस्जिदों से जुड़े विवाद कोई नई बात नहीं हैं. इतिहास में सबसे ज्यादा चर्चा और हंगामे का केंद्र अयोध्या की बाबरी मस्जिद रही है. इस मस्जिद को लेकर दशकों तक कानूनी और राजनीतिक संघर्ष चला. दावा किया गया था कि यह राम जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी, बाद में साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और कोर्ट ने कहा कि मस्जिद का निर्माण मंदिर के ऊपर हुआ था. बता दें कि 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर दंगे हुए, जिसने भारतीय राजनीति और समाज को गहराई से प्रभावित किया.
किस मस्जिद का सबसे बड़ा और लंबा विवाद
बाबरी मस्जिद का विवाद भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा सांप्रदायिक और कानूनी संघर्ष माना जाता है. वर्षों तक अदालतों में मामला चला और समाज दो ध्रुवों में बंटता रहा. बाबरी मस्जिद का मसला आज भी इस बात की मिसाल है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े विवाद किस तरह पूरे देश के माहौल को बदल सकते हैं.
अटाला मस्जिद और संभल की जामा मस्जिद
हाल के वर्षों में बाबरी मस्जिद के अलावा भी कुछ मस्जिदें विवादों में आईं. जौनपुर की अटाला मस्जिद को लेकर 2024 में कुछ हिंदू संगठनों ने दावा किया कि यह मंदिर तोड़कर बनाई गई थी. इसके बाद कानूनी याचिकाएं दायर हुईं और मामला सुर्खियों में रहा. इसी तरह संभल की जामा मस्जिद को लेकर भी मंदिर-मस्जिद विवाद सामने आया. 2024 में यहां तनाव और हिंसा की घटनाएं दर्ज की गईं, जिससे प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े.
