राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारोपी नाथूराम गोडसे को राष्ट्रवादी व्यक्ति बताकर नया विवाद खड़ा कर दिया गया है. इस बयान को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े करते हुए मंत्री के इस्तीफे की मांग कर डाली है. कांग्रेस ने सवाल किया है कि क्या बीजेपी गोडसे का महिमामंडन कर रही है?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ कर दिया. यही नहीं कांग्रेस नेताओं ने PM मोदी पर भी सवाल उठाए हैं, कहा है कि विदेश में जाकर गांधी जी का बखान और यहां उनके मंत्री गांधी जी के हत्यारों का महिमामंडन कर रहे हैं.
बीजेपी मंत्री ने प्रेस कांफ्रेसं में दिया था बयान
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने बयान में कहा कि नाथूराम गोडसे एक राष्ट्रवादी थे. यह बयान उन्होंने BJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनरेगा नाम बदलने के मुद्दे पर दिया था. जिस पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर इसका विरोध करते हुए इसे ‘गोडसेवादी मानसिकता’ बताया था. बघेल ने ट्वीट में लिखा कि महात्मा गांधी का नाम इतिहास से मिटाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी. इस पर मंत्री वर्मा ने गोडसे को राष्ट्रवादी कहकर जवाब दिया, जिससे कांग्रेस भड़क गई.
बीजेपी की मंशा पर उठाए सवाल
मीडिया विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राजव मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, “ प्रधानमंत्री मोदी विदेश में गांधी के देश से आने का दावा करते हैं, लेकिन उनके मंत्री गोडसे का महिमामंडन कर रहे हैं.” उन्होंने इसे बीजेपी की दोहरी मंशा बताया है.
फिलहाल इस मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. इस मामले में बही तक बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. जबकि कांग्रेस इस मुद्दे पर आक्रामक है और मंत्री के इस्तीफे की मांग पर डटी है.
