Rupee vs Dollar: भारतीय रुपये की कमजोरी का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है. विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और बाजार में अनिश्चितता के माहौल के बीच बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे टूटकर 89.90 के स्तर पर पहुंच गया.
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 89.89 पर खुला और कुछ ही देर में गिरकर 89.90 प्रति डॉलर पर आ गया. इससे पहले मंगलवार को रुपया 89.75 पर बंद हुआ था. विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की ओर से भारतीय शेयरों की बिकवाली जारी है, जिसका सीधा असर रुपये पर पड़ रहा है.
डॉलर और शेयर बाजार का असर
इस दौरान छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखी और डॉलर इंडेक्स 0.04 फीसदी बढ़कर 98.27 पर पहुंच गया. घरेलू शेयर बाजार में हालांकि हल्की तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 188 अंक चढ़कर 84,863 के स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 80 अंकों की बढ़त के साथ 26,009 पर कारोबार करता दिखा.

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली के मुताबिक,
- सुबह रुपये पर दबाव बना रहा
- बाद में आरबीआई की ओर से डॉलर बिक्री के चलते इसमें कुछ मजबूती आई
- हाल के दिनों में रुपया 89.50 से 90 के दायरे में बना हुआ है
- आरबीआई फिलहाल 90 के स्तर को बचाने की कोशिश करता दिख रहा है
अन्य फैक्टर
- ब्रेंट क्रूड 0.08 फीसदी गिरकर 61.30 डॉलर प्रति बैरल पर रहा
- एफआईआई ने मंगलवार को 3,844 करोड़ रुपये के शेयर बेचे
विदेशी निवेशकों की बिकवाली, डॉलर की मजबूती और वैश्विक अनिश्चितता के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है. हालांकि आरबीआई की सक्रियता फिलहाल बड़ी गिरावट को रोकने में अहम भूमिका निभा रही है. आने वाले दिनों में रुपये की दिशा काफी हद तक विदेशी पूंजी प्रवाह और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी.
