सर्व हिंदू समाज एवं व्यापारी संघ के आह्वान पर बंद सफल, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
मगरलोड/ 7 अक्टूबर मगरलोड थाना क्षेत्र में 3 अक्टूबर को हुई एक विवादास्पद घटना के बाद पुलिस द्वारा हिंदू समाजसेवकों की गिरफ्तारी के विरोध में सर्व हिंदू समाज एवं व्यापारी संघ के संयुक्त आह्वान पर मगरलोड बंद का आयोजन किया गया। इस दौरान समस्त व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रखकर विरोध दर्ज कराया।
घटना का पृष्ठभूमि:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 3 अक्टूबर को लतीफ खान और आरिफ खान नामक दो युवक नशे की हालत में क्षेत्र में घूमते हुए हिंदू समाज के कार्यक्रम में पहुंचे और वहां निखिल साहू एवं दुर्गेश साहू से मारपीट की। दुर्गेश, लतीफ के परिवार का परिचित होने के कारण, विवाद के बाद स्वयं उसके माता-पिता को बुलाकर समझाइश देने उनके घर तक ले गया।
बताया गया कि लतीफ को उसके परिजनों ने घर में बंद कर दिया था, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। यह भी संदेह जताया गया कि मृतक के माता-पिता ही उसकी आदतन आपराधिक प्रवृत्तियों से परेशान होकर घटना में शामिल हो सकते हैं।

हिंदू समाज पर पक्षपाती कार्रवाई का आरोप
स्थानीय लोगों व समाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच के हिंदू समाजसेवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि घटना की पूर्ण जांच और वास्तविक दोषियों की पहचान किए बिना कार्रवाई करना एकतरफा और अन्यायपूर्ण है।
संगठनों की प्रमुख मांगें:
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लतीफ खान की मौत की निष्पक्ष जांच की जाए – हत्या किसने की, इस पर स्पष्टता लाई जाए।
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आरिफ खान, जो मारपीट की घटना में शामिल था और अब तक फरार है, उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
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गिरफ्तार निर्दोष समाजसेवकों को रिहा किया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई को रोका जाए।
प्रदर्शन एवं बंद के दौरान आयोजन:
इस विरोध के दौरान हवन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रबुद्ध नागरिक, व्यापारी प्रतिनिधि, एवं विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में पुलिस और प्रशासन से निष्पक्षता की मांग की और निर्दोष लोगों को फंसाने के विरुद्ध विरोध दर्ज कराया।
प्रशासन से सौंपा गया ज्ञापन:
समाज के प्रतिनिधियों ने थाना मगरलोड पहुंचकर अधिकारियों से चर्चा की और अपनी मांगों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कानून व्यवस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन भेदभावपूर्ण कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
