कुरूद/ पुलिस अधीक्षक धमतरी भावना पांडेय (भा.पु.से.) के निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत कुरूद पुलिस ने प्रथम अरोड़ा प्रशिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना रहा।
एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में थाना प्रभारी एवं पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने के जोखिम, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े खतरों तथा डिजिटल भुगतान के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया। साथ ही किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 और निकटतम पुलिस थाना से संपर्क करने की सलाह दी गई।
महिला सुरक्षा विषय पर छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, आत्मरक्षा के महत्व, आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के तरीकों तथा डायल-112 की त्वरित सहायता सेवा की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या अन्य अपराध की घटना होने पर बिना संकोच पुलिस को सूचना देने की अपील की।

कार्यक्रम में युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से भी अवगत कराया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए गंभीर खतरा है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया।
इसके अलावा सड़क सुरक्षा को लेकर हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
धमतरी पुलिस ने कहा कि उसका उद्देश्य केवल अपराधों पर नियंत्रण रखना ही नहीं, बल्कि युवाओं को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। इसी उद्देश्य से जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि सुरक्षित, जागरूक और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।
