धमतरी/ स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, सिंगपुर में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों को शिक्षा, संस्कार, गुरु-शिष्य परंपरा तथा राष्ट्र निर्माण पर प्रेरक संदेश दिया।
अपने संबोधन में एसपी परिहार ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत के भविष्य और राष्ट्र के वास्तविक कर्णधार हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और श्रेष्ठ संस्कार ही बच्चों को आदर्श नागरिक बनाते हैं। उन्होंने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी का व्यक्तित्व और भविष्य उसके गुरु के मार्गदर्शन पर आधारित होता है, इसलिए गुरुजनों का सम्मान और उनके आदर्शों का अनुसरण करना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान एसपी ने विद्यार्थियों से उनके जीवन के लक्ष्य पूछे। कई छात्र-छात्राओं ने प्रशासनिक अधिकारी, डॉक्टर, शिक्षक, इंजीनियर और पुलिस अधिकारी बनने की इच्छा जताई। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इन्हीं बच्चों में भविष्य के आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक तैयार होंगे, जिन्हें सही दिशा देना समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
भारतीय संस्कृति पर आधारित संवाद के दौरान एसपी ने उपस्थित लोगों से “ऋण कितने प्रकार के होते हैं?” प्रश्न पूछा। ग्राम अंजोरा की गायत्री सिन्हा ने देव ऋण, मातृ-पितृ ऋण और गुरु/ऋषि ऋण का सही उत्तर देकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनके उत्तर से प्रभावित होकर एसपी ने उन्हें मंच पर सम्मानित किया और कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों का आत्मविश्वास समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
एसपी परिहार ने कहा कि वर्तमान समय में एक चौथा “राष्ट्र ऋण” भी है, जिसे प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों, ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के माध्यम से चुकाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से वाद-विवाद की बजाय संवाद की संस्कृति अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि संवाद ही समाज और राष्ट्र को आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती खेमन बाई के शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की। वहीं शिक्षा में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यालय में स्थापित स्मार्ट बोर्ड (टीवी पैनल) का शुभारंभ भी किया।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. वी.पी. चंद्रा के शिक्षा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए एसपी ने विद्यालय के पुस्तकालय के लिए 11 हजार रुपये मूल्य की उत्कृष्ट पुस्तकों का योगदान देने की घोषणा की। कार्यक्रम में मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर डॉ. कल्पना ध्रुव, प्राचार्य डॉ. वी.पी. चंद्रा, सरपंच लोमेश्वर साहू, थाना प्रभारी मगरलोड प्रमोद अमलतास, विद्या भारती के पदाधिकारी, शिक्षक, पालक, ग्राम संगठन की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
