मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार जनसंवाद के साथ-साथ जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है। राज्य शासन और जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की मांगों एवं समस्याओं के निराकरण के लिए लगातार संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा सरगुजा प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं को शीघ्र स्वीकृति देकर अमल में लाया गया है।
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे थे। जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकताओं और विकास संबंधी मांगों को सुना था तथा कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न निर्माण कार्यों को मंजूरी प्रदान कर दी है। ग्राम सिलमा में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन निर्माण स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा डीएमएफ मद से 2.50 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम निर्माण तथा मनरेगा मद से 11.63 लाख रुपये की लागत से नवीन पीडीएस भवन निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।

इसी प्रकार ग्राम कुनकुरीकला में भी डीएमएफ और मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नए पंचायत भवन के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणाओं पर त्वरित अमल के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया है। उनका कहना है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और प्रशासन सीधे जनता तक पहुंच रहा है और समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त मांगों और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इससे विकास कार्यों का लाभ समय पर आमजन तक पहुंच रहा है और सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर साकार होती दिखाई दे रही है।
