World Slowest Internet: आज के दौर में ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल पेमेंट से लेकर वीडियो स्ट्रीमिंग और रिमोट वर्क तक सब कुछ हाई स्पीड इंटरनेट पर निर्भर है. इसके बावजूद भी कुछ देश काफी धीमी कनेक्टिविटी से जूझ रहे हैं. जहां सिंगापुर और यूएई जैसे देशों में दुनिया की सबसे तेज इंटरनेट सर्विस मिलती है वहीं कुछ देशों को अभी भी गंभीर डिजिटल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां पर इंटरनेट की सबसे धीमी स्पीड है.
तुर्कमेनिस्तान में सबसे धीमा इंटरनेट
अलग-अलग ग्लोबल इंटरनेट स्पीड रिपोर्ट और स्पीड टेस्ट ग्लोबल इंडेक्स के मुताबिक तुर्कमेनिस्तान में दुनिया की सबसे धीमी फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड दर्ज की जाती है. देश की औसत ब्रॉडबैंड स्पीड 2.72 एमबीपीएस से 3.72 एमबीपीएस के बीच रहती है. इतनी कम स्पीड पर बड़ी फाइलें डाउनलोड करना, हाई क्वालिटी वीडियो कॉल करना या फिर एचडी कंटेंट स्ट्रीम करना एक लंबा और निराशाजनक काम हो सकता है. इस धीमी स्पीड की मुख्य वजह सीमित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेट सर्विस पर सरकार का कड़ा नियंत्रण है .
सीरिया भी इसी मुश्किल में
सीरिया भी काफी धीमी इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले देशों में शामिल है. सालों की लड़ाई और अंदरूनी अस्थिरता ने देश के कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा है. यही वजह है कि औसत फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड लगभग 2.80 एमबीपीएस बताई जाती है. डिजिटल नेटवर्क के नष्ट होने से कई लोगों के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करना एक लगातार चुनौती बन गया है.

यमन भी कनेक्टिविटी की बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा
भौगोलिक मुश्किलों और अपर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की वजह से यमन में इंटरनेट सर्विस कमजोर बनी हुई है. देश की औसत ब्रॉडबैंड स्पीड लगभग 2.99 एमबीपीएस है.
अफगानिस्तान में सबसे धीमा मोबाइल इंटरनेट
जहां धीमी फिक्स्ड ब्रॉडबैंड स्पीड के मामले में तुर्कमेनिस्तान सबसे आगे है वहीं अफगानिस्तान को अक्सर दुनिया का सबसे धीमा मोबाइल इंटरनेट वाला देश माना जाता है. देश में औसत मोबाइल इंटरनेट स्पीड लगभग 14.87 एमबीपीएस है. पहाड़ी इलाके, सीमित तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी की चुनौतियों ने पूरे देश में नेटवर्क परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में मुश्किल खड़ी कर दी है. 2–4 एमबीपीएस की रेंज वाली इंटरनेट स्पीड काफी असर डाल सकती है. वीडियो स्ट्रीम करना, अपडेट डाउनलोड करना, ऑनलाइन क्लास में शामिल होना, वीडियो कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेना और क्लाउड-बेस्ड सेवाओं का इस्तेमाल करना जैसे काम मुश्किल हो जाते हैं.
