Jeff Bezos on AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने दुनियाभर में एक बड़ी बहस को जन्म दिया है. कई लोगों का मानना है कि AI आने वाले वर्षों में लाखों लोगों की नौकरियां खत्म कर देगा और रोजगार का संकट पैदा होगा. खासकर OpenAI, Anthropic जैसी कंपनियों के उन्नत AI चैटबॉट्स आने के बाद यह चिंता और बढ़ गई है. हालांकि, Amazon के संस्थापक जेफ बेजोस इस सोच से सहमत नहीं हैं. उनका मानना है कि AI नौकरी खत्म करने के बजाय नए अवसरों और रोजगार के रास्ते खोलेगा.
AI को लेकर डर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है
हाल ही में फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में बेजोस ने अपनी नई AI कंपनी Prometheus के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि यह मान लेना गलत है कि AI के कारण बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म हो जाएंगी. उनके अनुसार, AI इंसानों की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा, नए उद्योगों को जन्म देगा और ऐसे काम पैदा करेगा जिनकी आज कल्पना भी नहीं की जा सकती.
बेजोस का कहना है कि जो लोग यह सोच रहे हैं कि AI के कारण सभी नौकरियां गायब हो जाएंगी, वे वास्तविकता को सही तरीके से नहीं देख रहे हैं. उनके अनुसार, तकनीकी बदलाव हमेशा नए अवसर लेकर आते हैं.
आने वाला दशक हो सकता है तकनीकी चमत्कारों का दौर
जेफ बेजोस का मानना है कि AI केवल एक तकनीक नहीं बल्कि भविष्य की कई बड़ी क्रांतियों का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष अनुसंधान, बायोटेक्नोलॉजी और AI जैसे क्षेत्रों में जबरदस्त प्रगति देखने को मिलेगी.
उनके मुताबिक, अगले दस वर्षों में दुनिया कई ऐसे तकनीकी चमत्कार देख सकती है जो आज असंभव लगते हैं. AI इस परिवर्तन की सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में से एक होगा.
क्या है Prometheus?
Prometheus एक AI स्टार्टअप है जिसकी शुरुआत नवंबर 2025 में जेफ बेजोस और पूर्व Google अधिकारी विक्रम बजाज ने मिलकर की थी. Amazon के CEO पद से हटने के बाद यह पहली कंपनी है जिसका नेतृत्व बेजोस खुद कर रहे हैं.
इस कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा AI सिस्टम विकसित करना है जिसे बेजोस Artificial General Engineer कहते हैं. यह सिस्टम वास्तविक इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग डेटा पर प्रशिक्षित होगा और जटिल उत्पादों को डिजाइन करने में मदद करेगा.

चैटबॉट नहीं इंजीनियरिंग की दुनिया बदलना है लक्ष्य
जहां अधिकांश AI कंपनियां चैटबॉट और डिजिटल सेवाओं पर काम कर रही हैं, वहीं Prometheus का फोकस मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर पर है.
कंपनी का उद्देश्य ऐसे AI टूल विकसित करना है जो जेट इंजन, मेडिकल उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य जटिल उत्पादों के डिजाइन और निर्माण की प्रक्रिया को तेज और सस्ता बना सकें. इससे कंपनियों को महंगे फिजिकल प्रोटोटाइप बनाने की जरूरत कम पड़ेगी और नए उत्पाद जल्दी बाजार में पहुंच सकेंगे.
AI से तेज होगी खोज और नवाचार
बेजोस का मानना है कि AI नए आविष्कारों की रफ्तार को कई गुना बढ़ा देगा. जिन प्रोजेक्ट्स को पहले समय और लागत के कारण शुरू नहीं किया जा सकता था, उन्हें AI की मदद से आसानी से पूरा किया जा सकेगा.
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ मौजूदा नौकरियों में ऑटोमेशन बढ़ सकता है लेकिन कुल मिलाकर AI का प्रभाव रोजगार के लिए सकारात्मक रहेगा. उनका कहना है कि जब नई तकनीकें आती हैं तो वे पुराने कामों को बदलती जरूर हैं लेकिन साथ ही नए प्रकार के रोजगार भी पैदा करती हैं.
हल की खोज से बढ़ती है सभ्यता की समृद्धि
बेजोस ने AI की तुलना इतिहास की बड़ी तकनीकी खोजों से की. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हजारों साल पहले जब हल (Plough) का आविष्कार हुआ था तब कृषि उत्पादन बढ़ा और समाज अधिक समृद्ध हुआ.
उनके अनुसार, मानव सभ्यता की आर्थिक प्रगति हमेशा नए आविष्कारों पर आधारित रही है. AI भी उसी तरह की एक तकनीक है जो भविष्य में आर्थिक विकास और नए रोजगारों को बढ़ावा दे सकती है.
सभी विशेषज्ञ बेजोस से सहमत नहीं
हालांकि AI को लेकर हर विशेषज्ञ की राय एक जैसी नहीं है. कई कारोबारी नेताओं और अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि जनरेटिव AI बड़ी संख्या में व्हाइट-कॉलर नौकरियों को प्रभावित कर सकता है.
Anthropic के CEO डारियो अमोदेई कई बार यह कह चुके हैं कि AI भविष्य में कार्यबल के बड़े हिस्से की जगह ले सकता है. उन्होंने हाल ही में यह भी सुझाव दिया था कि अगर AI के कारण व्यापक स्तर पर नौकरियां खत्म होती हैं तो यूनिवर्सल बेसिक इनकम जैसी योजनाओं के लिए पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) बढ़ाया जा सकता है.
भविष्य में बेरोजगारी नहीं, कर्मचारियों की कमी हो सकती है
जेफ बेजोस का दृष्टिकोण इससे बिल्कुल अलग है. उनका मानना है कि AI उत्पादकता को इतना बढ़ा देगा कि कंपनियों को ज्यादा काम के लिए अधिक लोगों की जरूरत पड़ेगी. उनके अनुसार, कम लागत और तेज नवाचार नए उद्योगों को जन्म देंगे, जिससे रोजगार की मांग भी बढ़ेगी.
निवेशकों का बड़ा भरोसा
रिपोर्ट्स के मुताबिक Prometheus अब तक लगभग 12 अरब डॉलर का निवेश जुटा चुका है. इस कंपनी में JPMorgan Chase, Goldman Sachs, BlackRock और खुद जेफ बेजोस ने निवेश किया है.
कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है और OpenAI, xAI तथा Meta जैसी बड़ी AI कंपनियों से इंजीनियरों और शोधकर्ताओं की भर्ती कर रही है. यह संकेत देता है कि Prometheus आने वाले वर्षों में AI और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकती है.
