Breaking

ग्राम कोर्रा में पशु क्रूरता एवं अप्राकृतिक कृत्य मामले में भखारा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार…

VCK के बाद IUML ने भी TVK को दिया समर्थन, तमिलनाडु में 120 विधायकों के साथ विजय बनाएंगे सरकार…

नया फोन खरीदते ही तुरंत कर लें ये 5 जरूरी सेटिंग्स! एक गलती पड़ सकती है भारी, जानिए पूरी जानकारी…

क्या AI आपकी सोचने की ताकत कमजोर कर रहा है? नई स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा…

आसमानी बिजली समंदर में नहीं कर पाती मछलियों का बाल भी बांका, जानें क्या है इसके पीछे का विज्ञान…

QR Code वाला ईमेल दिखते ही हो जाएं सावधान, हजारों लोग बन चुके निशाना, माइक्रोसॉफ्ट ने किया अलर्ट…

अब WhatsApp पर मिलेगा 24 घंटे AI वाला जवाब! छोटे बिजनेस के लिए Meta ने लॉन्च किया धांसू फीचर, जानिए कैसे करेगा काम…

Chief Minister Resignation: अगर कार्यकाल के बीच में इस्तीफा दे दे मुख्यमंत्री तब कौन चलाता है राज्य, कितने समय में होता‌ है दूसरा चुनाव…

तो क्या हैकर्स के निशाने पर आ गया आपका अकाउंट? जानें इंस्टाग्राम एन्क्रिप्शन बंद होने का मतलब…

हर 3 में से 2 अनजान कॉल निकली फर्जी! Spam Calls के मामले में दुनिया में 5वें नंबर पर पहुंचा भारत, इस रिपोर्ट ने खोल दी पोल…

Weather Alert in India: आज से इन राज्यों में परेशान करेगी आंधी-बारिश, तुरंत अलर्ट हो जाएं किसान भाई…

Rajnandgaon News: पद्मश्री फुलबासन के अपहरण का मामला, ‘मिर्गी का मरीज’ बताकर भाग रहे थे आरोपी…

Navapur Station: इस स्टेशन पर टिकट विंडो महाराष्ट्र तो स्टेशन मास्टर ऑफिस गुजरात में, कौन देता है इन्हें सैलरी?

AI की वजह से इन लोगों की नौकरियों पर है खतरा? KYC से लेकर Audit तक सारे काम करेगा एआई…

Tamil Nadu Politics: सरकार के लिए न बुलाने पर क्या राज्यपाल के खिलाफ कोर्ट जा सकते हैं विजय, जानें कब हो चुका ऐसा?

Religious Cities Around The World: धार्मिक ग्रंथों में दुनिया के किन शहरों का लिखा गया है नाम, क्या है इसके पीछे की वजह?

Instagram ने डिलीट किए लाखों फेक अकाउंट्स, कई बड़े इंफ्लूएंसर्स और सेलिब्रिटीज के फॉलोवर्स तेजी से घटे…

क्या Wireless Charging से खराब हो जाती है फोन की बैटरी? यहां जान लें सच…

US Military: दूसरे देशों में क्यों तैनात रहती है अमेरिकी सेना, जानें वहां किसकी करती है रक्षा…

क्या ज्यादा गर्मी में काम करना बंद कर देते हैं सोलर पैनल? टेंपरेचर से पड़ता है यह फर्क…

आपका जीवन आसान बनाएगी Meta, डेली टास्क कंप्लीट करने के लिए लाएगी AI Agents…

Share Market: शेयर बाजार गुलजार, 78000 के पार पहुंचा सेंसेक्स; निफ्टी भी 67 अंक ऊपर…

AI Robots Surgery : डॉक्टर्स से अच्छी सर्जरी कर लेता है एआई रोबोट, हॉवर्ड की रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा…

क्या टूट जाएगी TMC, जानिए सत्ता जाने के बाद किन पार्टियों में सबसे ज्यादा हुई है बगावत?

रायपुर में गोलीकांड, जीजा ने 2 सालियों को मारी गोली, दोनों की मौत…

अगर फेस रिकॉग्निशन डेटा चोरी हो जाए तो क्या होगा, जानें कितनी बड़ी मुश्किल में पड़ जाएंगे आप?

Share

आज के समय में फेस रिकॉग्निशन तकनीक तेजी से हमारी रोजाना की जिंदगी का अहम हिस्सा बनती जा रही है. एयरपोर्ट से लेकर बैंक, ऑफिस, स्टेडियम और बड़े रिटेल स्टोर तक हर जगह चेहरे की पहचान करने वाले सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ रहा है. कई बार लोग किसी दुकान में एंटर होते ही कैमरे उनके चेहरे को स्कैन कर लेते हैं, चाहे उन्हें इसका एहसास हो या नहीं. यह तकनीक सुरक्षा और सुविधा के लिए उपयोगी मानी जाती है. लेकिन इसके साथ एक बड़ा खतरा भी जुड़ा हुआ है. अगर किसी व्यक्ति का फेस रिकॉग्निशन डेटा चोरी हो जाए तो उससे जुड़ी परेशानी जिंदगी भर पीछा नहीं छोड़ सकती है.

दरअसल फेस रिकॉग्निशन सिस्टम सीधे आप की फोटो स्टोर नहीं करते यह चेहरे की बनावट, आंखों की दूरी, नाक और चेहरे के अनुपात जैसी चीजों को एक डिजिटल मैथमेटिकल टेम्पलेट में बदल देते हैं. बाद में जब कोई कैमरा दौबारा चेहरा स्कैन करता है तो सिस्टम उसे पुराने टेंपलेट से मिलाकर पहचान की पुष्टि करता है. समस्या तब शुरू होती है जब यही बायोमैट्रिक डेटा गलत हाथों में पहुंच जाए. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि अगर आपका फेस रिकॉग्निशन डेटा चोरी हो जाए तो क्या होगा और इससे आप कितनी बड़ी मुश्किल में फंस सकते हैं.

पासवर्ड बदला जा सकता है चेहरा नहीं 

अगर किसी का पासवर्ड चोरी हो जाए तो वह नया पासवर्ड बना सकता है. बैंक कार्ड हैक हो जाए तो कार्ड ब्लॉक कर नया कार्ड लिया जा सकता है. लेकिन चेहरा बदला नहीं जा सकता, यही वजह है कि फेस डेटा की चोरी को साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट बहुत गंभीर खतरा मानते हैं. एक बार फेस टेम्पलेट लीक हो जाए तो उसे हमेशा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार फेस रिकॉग्निशन डेटाबेस हैक होने के बाद अपराधी उस डेटा का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की पहचान ट्रैक करने या उसे नकली डिजिटल पहचान में बदलने के लिए कर सकते हैं. यही कारण है कि फेस डेटा को सबसे संवेदनशील बायोमेट्रिक जानकारी माना जा रहा है.

 

 

फेस रिकॉग्निशन से कैसे ट्रैक किए जा सकते हैं लोग?

फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन आमतौर पर नियंत्रित माहौल में इस्तेमाल होते हैं, जहां व्यक्ति खुद स्कैनर के सामने जाता है. लेकिन फेस रिकॉग्निशन कैमरे दूर से भी किसी का चेहरा रिकॉर्ड कर सकते हैं. कई सार्वजनिक जगहों पर लगे कैमरे लोगों की एक्टिविटी को लगातार ट्रैक करते रहते हैं और अलग-अलग डेटाबेस से जोड़कर उनके डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करते रहते हैं. एयरपोर्ट किसी यात्री के चेहरे को पासपोर्ट डेटाबेस से मैच कर सकते हैं. स्टेडियम सिक्योरिटी वॉचलिस्ट से तुलना कर सकते हैं. वहीं कुछ रिटेल कंपनियां चोरी रोकने के लिए फेस रिकॉग्निशन का इस्तेमाल करती है. हर नया स्कैन एक और स्थायी डिजिटल रिकॉर्ड बन जाता है.

एआई और डीप फेक से बढ़ सकता है खतरा 

साइबर अपराधी अगर फेस टेम्पलेट को दूसरी लीक हुई जानकारी जैसे ईमेल, मोबाइल नंबर या सोशल मीडिया अकाउंट से जोड़ दे तो किसी व्यक्ति का पूरा डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जा सकता है. इसके बाद एआई और डीपफेक तकनीक की मदद से नकली वीडियो या 3D फेस मॉडल बनाकर किसी की पहचान की नकल की जा सकती है. कुछ मामलों में अपराधी फेस डाटा का इस्तेमाल उन सिस्टम को धोखा देने के लिए भी कर सकते हैं जो लाइव फेस वेरिफिकेशन मांगते हैं. इससे बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सिक्योरिटी सिस्टम तक खतरे में पड़ सकते हैं. वहीं कई कंपनियों के पास मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती, वह डेटा मैनेजमेंट के लिए थर्ड पार्टी कंपनियों पर निर्भर रहते हैं. अगर ऐसे सिस्टम हैक हो जाए या अलग-अलग प्लेटफार्म के डेटा आपस में जुड़ जाए तो फेस डेटा एक स्थायी डिजिटल पहचान बन सकता है, जिसका गलत इस्तेमाल लंबे समय तक किया जा सकता है.

www.joharsagacg.com

जोहार सगा न्यूज़ – धमतरी का एक विश्वसनीय डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो शासन, समाज और जनहित से जुड़ी खबरों को सटीक, प्रमाणिक और तेज़ी से जनता तक पहुंचाने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है – सच्चाई के साथ डिजिटल माध्यम से हर व्यक्ति तक जिम्मेदार पत्रकारिता पहुँचाना।

Edit Template

संपर्क करे

हमसे संपर्क करने के लिए नीचे दिए गए माध्यमों का उपयोग करें:

📞 फोन: 9303600826

✉️ ईमेल: upndrasahusss@gmail.com

📍 पता: भटगांव चौक गोकुलपुर वार्ड धमतरी तह व जिला धमतरी, छत्तीसगढ़, भारत

हम आपके व्यवसाय, ब्रांड या सेवाओं को स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर प्रचारित करने का अवसर देते हैं।

हमारे विज्ञापन विकल्प:

डिस्प्ले बैनर विज्ञापन, सोशल मीडिया प्रमोशन

प्रायोजित लेख/समाचार


विज्ञापन अस्वीकरण

जोहार सगा न्यूज़ पोर्टल पर प्रकाशित किसी भी विज्ञापन का हम समर्थन नहीं करते। विज्ञापन में दिये गए उत्पाद, सेवाएँ और उनके लाभ विज्ञापन प्रदाताओं की जिम्मेदारी हैं। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है — किसी उत्पाद या सेवा से जुड़ी पुष्टि, उपयोगिता या प्रभाव की जिम्मेदारी हमारी नहीं है।

सोशल मिडिया पर हम

 

जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़

धमतरी ज़िले का उभरता डिजिटल वेब न्यूज़ चैनल, जो शासन के नियमों का पालन करते हुए पानी, समाज और जनहित से जुड़े मुद्दों पर साफ-सुथरी पत्रकारिता करता है।

हमारा उद्देश्य है –

  1. जनता की रोज़ी-रोटी और जीवन से जुड़े सवाल शासन-प्रशासन तक पहुँचाना।
  2. सरकारी योजनाओं व नियमों की सटीक जानकारी गाँव-गाँव और शहर तक पहुँचाना।
  3. शिक्षा, रोजगार, खेती, निजीकरण, राजनीति और संस्कृति में बदलाव को उजागर करना।
  4. पानी, जंगल, ज़मीन और पर्यावरण पर जनजागरूकता लाना।

तेज़ रफ़्तार डिजिटल दौर में, “जोहार सगा न्यूज़” भरोसेमंद खबर सीधे आपके मोबाइल तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

“जोहार सगा न्यूज़ – जनता की आवाज़”

देखिए अब YouTube में