Chief Minister Resignation: 2026 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद ममता बनर्जी ने कथित तौर पर इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद गवर्नर आर एन रवि ने विधानसभा भंग कर दी. इसके बाद मुख्यमंत्री के तौर पर ममता बनर्जी का कार्यकाल आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया. इसी बीच आइए जानते हैं कि अगर कार्यकाल के दौरान कोई मुख्यमंत्री इस्तीफा दे दे तब राज्य कौन चलाता है.
मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद कौन चलाता है राज्य?
जब कोई मुख्यमंत्री इस्तीफा देता है तो राज्य सरकार अचानक काम करना बंद नहीं करती. आमतौर पर गवर्नर जाने वाले मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हैं कि जब तक कोई दूसरा इंतजाम ना हो जाए तब तक वे कुछ समय के लिए केयरटेकर मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते रहें.
इस केयरटेकर समय के दौरान सरकार सिर्फ रूटीन एडमिनिस्ट्रेटिव मामले ही देखती है. बड़े पॉलिसी फैसले, बड़े फाइनेंशियल कमिटमेंट या फिर जरूरी अपॉइंटमेंट आमतौर पर टाल दिए जाते हैं. केयरटेकर अरेंजमेंट का मकसद पॉलिटिकल अनिश्चितता को हल करते हुए कंटिन्यूटी और एडमिनिस्ट्रेटिव स्टेबिलिटी को पक्का करना है.

नया चीफ मिनिस्टर कैसे चुना जाता है?
अगर रूलिंग पार्टी या फिर कोएलिशन के पास अभी भी लेजिसलेटिव असेंबली में मेजॉरिटी है तो उसके एमएलए एक नया लीडर चुनते हैं. मेजॉरिटी सपोर्ट कंफर्म होने के बाद गवर्नर उस लीडर को सरकार बनाने और एक नए चीफ मिनिस्टर के तौर पर शपथ लेने के लिए बुलाते हैं. ऐसी सिचुएशन में नए असेंबली इलेक्शन की जरूरत नहीं होती.
क्या होता है अगर कोई पार्टी सरकार नहीं बना पाती?
सिचुएशन तब मुश्किल हो जाती है जब कोई पार्टी या फिर अलायंस मेजोरिटी सपोर्ट साबित नहीं कर पाता. अगर सरकार बनाने की बार-बार की कोशिश फेल हो जाती हैं तो गवर्नर कॉन्स्टिट्यूशन के आर्टिकल 356 के तहत प्रेसिडेंट रूल लगाने की सिफारिश कर सकते हैं. ऐसे मामलों में स्टेट गवर्नर के जरिए सेंट्रल गवर्नमेंट के कंट्रोल में आ जाता है.
नए चुनाव कब होते हैं?
हर बार जब कोई मुख्यमंत्री इस्तीफा देता है तो अपने आप नए चुनाव जरूरी नहीं होते. समय मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करता है कि विधानसभा बनी रहती है या फिर भंग हो जाती है. अगर विधानसभा में कोई नया नेता सफलतापूर्वक चुन लिया जाता है तो चुनाव टाल दिए जाते हैं. हालांकि अगर कोई स्थिर सरकार नहीं बन पाती है और विधानसभा भंग हो जाती है तो आमतौर पर 6 महीने के अंदर नए चुनाव कराने पड़ते हैं.
क्या होगा अगर नया मुख्यमंत्री एमएलए नहीं है?
कभी-कभी कोई व्यक्ति राज्य विधानसभा के किसी भी सदन का सदस्य नहीं होते हुए भी मुख्यमंत्री बन जाता है. संविधान इसकी इजाजत देता है लेकिन सिर्फ कुछ समय के लिए. ऐसे मुख्यमंत्री को 6 महीने के अंदर विधानसभा या फिर विधान परिषद के लिए चुना जाना जरूरी है.
